राष्ट्रगान गाते समय अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करें: जितेंद्र रघुवंशी

श्रीयंत्र महामेरू शक्तिपीठ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों का सम्मान, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

अमरकंटक। श्रीयंत्र महामेरू शक्तिपीठ, सोनमुड़ा रोड अमरकंटक में 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर शक्तिपीठ के महंत शरदपुरी महाराज ने सेनानी परिवारों को सम्मानित किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं महासचिव जितेंद्र रघुवंशी ने सेनानी परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो सम्मान मिल रहा है, वह उनके पूर्वजों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके पूर्वजों ने भारत माता की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। उन्होंने कहा, “जब भी राष्ट्रगान गाते हो, तो अपने पूर्वजों के बलिदान को याद किया करो।” उन्होंने सेनानी परिवारों को सम्मानित करने के लिए महंत शरदपुरी महाराज के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
हरिद्वार में 529 सेनानियों के नाम से बना कीर्तिस्तंभ
जितेंद्र रघुवंशी ने बताया कि 18 अक्टूबर को उत्तराखंड के हरिद्वार में 529 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से सुसज्जित स्वतंत्रता सेनानी शहीद कीर्तिस्तंभ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर ‘स्वाधीनता के पथिक: हरिद्वार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी’ पुस्तक का विमोचन भी हुआ। उन्होंने इस कार्य के लिए उत्तराखंड सरकार और हरिद्वार जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेनानी परिवारों का सम्मान करना गौरव की बात : शरदपुरी महाराज
श्रीयंत्र महामेरू शक्तिपीठ के महंत शरदपुरी महाराज ने कहा कि शक्तिपीठ में दिव्य शक्तियों की प्राणप्रतिष्ठा के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों का सम्मान करना उनके लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान राष्ट्रभक्ति और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले परिवारों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
उन्होंने अपने कुलगुरु स्वामी हरिहरानंद के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि वे भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे बनारस में गुप्त रूप से पोस्टर और पर्चे छपवाने तथा उनके वितरण में योगदान देते थे। उन्होंने बताया कि स्वामी हरिहरानंद, पंडित मदन मोहन मालवीय के साथ जेल में भी रहे।
इस अवसर पर महंत शरदपुरी महाराज ने सभी सेनानी परिवारों को श्रीयंत्र महामेरू शक्तिपीठ का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
संगठन की मजबूती पर हुआ विचार-विमर्श
सम्मेलन में विभिन्न प्रांतों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत बनाने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों की विरासत को संरक्षित करने के संबंध में अपने विचार रखे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष दीपा दास (त्रिपुरा), छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला अध्यक्ष उषाकिरण बाजपेयी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी, युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह, दुष्यंत दुबे, नरेश कुमार यादव और डॉ. शकुंतला जीतपुरे सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सेनानी परिवारों को संबोधित किया।
फिल्म ‘नोटिस’ का भी किया गया प्रचार
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुवंश प्रताप सिंह के प्रपौत्र आदित्य प्रताप सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म ‘नोटिस’ का प्रचार रहा। आयोजकों के अनुसार, फिल्म में अरुण गोविल और दीपिका ने अभिनय किया है। अरुण गोविल और दीपिका टेलीविजन धारावाहिक रामायण में क्रमशः श्रीराम और सीता की भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
कबीरधाम जिले से भी पहुंचे प्रतिनिधि
राष्ट्रीय सम्मेलन में कबीरधाम जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार की ओर से अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार यदु, सचिव नरोत्तमराम महोबिया, उपाध्यक्ष इंजीनियर एसएस जैन, कोषाध्यक्ष महेशराम महोबिया, डॉ. सूर्यकांत भारती तथा भारती नर्सिंग सेंटर से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सेनानी परिवारों के योगदान को याद करते हुए उनके सम्मान, संगठनात्मक एकजुटता और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।


