युवा शक्ति ही करेगी विकसित भारत का निर्माण : मुख्यमंत्री साय

‘जेन नेक्स्ट संवाद’ में विद्यार्थियों से हुए रूबरू, साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को बड़े सपने देखने चाहिए, अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत व समर्पण से जुटना चाहिए। समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और दृढ़ संकल्प सफलता की कुंजी हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद : यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, जल संरक्षण, राजनीति और छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में जवाब देते हुए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए।

छोटे गांव से मुख्यमंत्री तक का सफर
विद्यार्थियों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर जिले के बगिया गांव में उनका बचपन बीता। करीब 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
साय ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वे गांव के सरपंच भी बनेंगे। सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच, विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के बाद मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हर जिम्मेदारी ईमानदारी और निष्ठा से निभानी चाहिए। उन्होंने ‘कर्म ही पूजा है’ को अपने जीवन का मूल मंत्र बताया।
शिक्षा के अवसरों का करें सदुपयोग
मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए बताया कि बगिया के प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था नहीं थी। परीक्षा देने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। उस समय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, जबकि आज शिक्षा के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ में एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब 15 मेडिकल कॉलेज हैं। विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाकर अपने भविष्य की मजबूत नींव तैयार करनी चाहिए।
जल संरक्षण में युवा निभाएं भूमिका
कक्षा नौवीं के छात्र आदित्य राज तिवारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण आज पूरी दुनिया की जरूरत है। उन्होंने ‘जल है तो कल है’ का संदेश देते हुए विद्यार्थियों से घर, स्कूल और समाज में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जनभागीदारी से ही व्यापक रूप दिया जा सकता है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश में इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से तैयारी में सहयोग मिलता है। वहीं, पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं के विकास पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को डिग्री तक सीमित रखने के बजाय संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा मिले, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, घर-घर शौचालय निर्माण और स्वच्छता के प्रति बढ़ती जागरूकता का जिक्र किया।
साय ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प का उल्लेख करते हुए आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा की बात कही। अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई।
भक्ति गीतों का लिया आनंद, प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया। इस दौरान खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




