गांधी-शास्त्री जयंती पर सेनानी परिवार ने ली खादी और स्वच्छता की शपथ

खादी अपनाकर नए भारत के निर्माण में भागीदार बनें : धरमलाल कौशिक

बिलासपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवारजनों ने गुरुवार को पुराने बस स्टैंड स्थित महामाया खादी आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती मनाई। इस अवसर पर चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता, खादी और स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई गई।
वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से स्थानीय उत्पादकों को बढ़ावा देने के साथ देश की आर्थिक शक्ति को मजबूत किया जा सकता है।
सेनानी उत्तराधिकारी परिवार की अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी को स्वतंत्रता संग्राम का आधार बनाया था। स्वदेशी केवल वस्तुओं के उपयोग का विषय नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वराष्ट्र की भावना से जुड़ा विचार है।
मुख्य वक्ता पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने कहा कि महर्षि अरविंद, लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी ने स्वदेशी व खादी के माध्यम से देश को भावनात्मक रूप से जोड़ा। उन्होंने लालबहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासित और ईमानदार नागरिक बनने तथा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया।
संस्था के संरक्षक ई. रमेंद्र राव ने खादी प्रतिज्ञा और जिला अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे ने स्वच्छता की प्रतिज्ञा दिलाई। कार्यक्रम में ई. रमेंद्र राव, डॉ. शकुंतला जितपुरे, चंद्रप्रकाश बाजपेयी, इंदर टहलियानी, डॉ. उषा किरण बाजपेयी, सौमित्र तिवारी, अशोक रंजन वर्मा, कुमुद वर्मा, सोनम साहू, आशीष खंडेलवाल, कुंज बिहारी मिश्रा, किरण शुक्ला, रामशंकर शुक्ला सहित सेनानी उत्तराधिकारी परिवार के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संचालन एवं आभार के.बी. मिश्रा ने व्यक्त किया।

