दुर्ग में ट्राई का उपभोक्ता संपर्क कार्यक्रम, टैरिफ-बिलिंग और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी

दुर्ग। ट्राई क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की ओर से 1 अक्टूबर को दुर्ग-भिलाई में उपभोक्ता संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय दूरसंचार एवं प्रसारण सेवाओं में टैरिफ और बिलिंग रहा। इसमें स्थानीय टेलीकॉम उपभोक्ताओं, महिला स्व-सहायता समूहों, टेलीकॉम कंपनियों जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल के प्रतिनिधियों, सीएजी सदस्यों तथा एमएसओ ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उपभोक्ता अधिकारों, ट्राई के हालिया निर्देशों, विनियमों, दूरसंचार एवं प्रसारण नियमों और साइबर सुरक्षा को लेकर जानकारी दी गई। शासकीय वाईवीटी कॉलेज दुर्ग के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न विषयों की जानकारी हासिल की।
ट्राई क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के सलाहकार संजय कुमार गुप्ता ने दूरसंचार और प्रसारण क्षेत्र में ट्राई की भूमिका पर प्रकाश डाला। संयुक्त सलाहकार मनमोहन व्यास और वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी मुनीश मुवार ने सेवा गुणवत्ता, टैरिफ विनियमन, इंटरकनेक्शन समझौते और पारदर्शिता से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी।
शिकायत निवारण से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी तक जानकारी
सत्र में दूरसंचार सेवा की गुणवत्ता, टैरिफ विनियमन, डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग, शिकायत निवारण प्रणाली, अनचाहे व्यावसायिक संचार पर नियंत्रण, प्रसारण विनियम, ट्राई डीएनडी और माय स्पीड ऐप तथा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। सीएजी सदस्य नवीन श्रीवास्तव ने भी उपभोक्ताओं को इन व्यवस्थाओं और उनके अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
दूरसंचार विभाग रायपुर के निदेशक अनुपालन एवं प्रशासन चंद्र प्रकाश यादव की ओर से संचार सारथी और सीआईआर पोर्टल के संबंध में जानकारी दी गई। टाटा प्ले ब्रॉडबैंड, डिश टीवी, सन टीवी और सेल्कॉम के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
ऑनलाइन खतरे से बचने के बताए उपाय
कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ताओं और विद्यार्थियों को ऑनलाइन खतरों से बचाव के लिए अपनाए जाने वाले निवारक उपाय बताए गए। डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए। प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देने के साथ उनके सुझाव भी लिए गए।
ट्राई के उपभोक्ता संपर्क कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते दूरसंचार और प्रसारण परिवेश में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना तथा दूरसंचार, प्रसारण और साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
