G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIAMahasamundखास-खबर

25 लाख गरीब परिवारों को राशन से वंचित रखना साय सरकार की प्रशासनिक विफलता और गरीब विरोधी मानसिकता का प्रमाण: विनोद चंद्राकर

महासमुंद। प्रदेश की भाजपा सरकार की गरीब विरोधी नीति और लचर प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। सितंबर 2026 के अंत तक छत्तीसगढ़ में लगभग 25.45 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को चावल का वितरण नहीं हो पाने की स्थिति सामने आई है। यह स्थिति सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गंभीर खामी को दर्शाती है। पूर्व संसदीय सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने इसे सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार दो माह का राशन एक साथ देने का प्रचार कर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को महीने के अंतिम दिनों तक भी राशन नहीं मिल पा रहा है। सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। समय पर उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण सुनिश्चित नहीं किया गया, जिसके कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 30 सितंबर तक दो माह का राशन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन महासमुंद जिले में ही बड़ी संख्या में हितग्राहियों को निर्धारित समय तक चावल नहीं मिल पाया है। जिले के अछोली, मचेवा, मानपुर सहित अनेक गांवों से राशन उपलब्ध नहीं होने और हितग्राहियों को खाली हाथ लौटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। पूरे प्रदेश में लाखों परिवार राशन का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के साथ गरीब परिवारों के सामने चिंता और परेशानी बढ़ गई है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में केवल चावल ही नहीं, बल्कि शक्कर की उपलब्धता को लेकर भी हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई राशन दुकानों में लंबे समय से शक्कर उपलब्ध नहीं होने के कारण गरीब परिवारों को बाजार से अधिक कीमत पर शक्कर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

पूर्व संसदीय सचिव ने कहा कि सरकार का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा और प्रचार करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उसका लाभ समय पर प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे। गरीब परिवारों के लिए राशन उनके जीवन-यापन का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को प्रभावित करती है।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि राशन वितरण की निर्धारित समय-सीमा तत्काल बढ़ाई जाए, सभी उचित मूल्य की दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल एवं अन्य आवश्यक खाद्यान्न का भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा जिन हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिला है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राशन उपलब्ध कराया जाए। सरकार यह भी सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार अपने हक के राशन से वंचित न रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page