तिरंगा 140 करोड़ देशवासियों के सम्मान का प्रतीक, देश को एक सूत्र में पिरोता है : मुख्यमंत्री साय

रायपुर में भाजपा की भव्य तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, 1500 मीटर तिरंगे के साथ चले मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा 140 करोड़ भारतवासियों के सम्मान का प्रतीक है और पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के त्याग और बलिदान से परिचित कराना है।
मुख्यमंत्री सोमवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है।
वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर को किया नमन
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की माटी के महान सपूत शहीद वीर नारायण सिंह और जननायक गुंडाधुर के शौर्य एवं पराक्रम को स्मरण करते हुए उनके बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि वीर नारायण सिंह ने अकाल और भुखमरी के दौर में अपनी जनता को अनाज उपलब्ध कराकर अमूल्य योगदान दिया, वहीं जननायक गुंडाधुर ने बस्तर में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का सफल समाधान छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों तथा स्थानीय जनता के सहयोग को दिया।
उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों, मंडलों, स्कूलों और विभिन्न संस्थानों में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। नक्सल प्रभावित दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों और स्कूलों तक भी तिरंगा यात्रा पहुंचेगी तथा 15 अगस्त को वहां शान से राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से घर, कार्यालय और संस्थानों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस एवं वीर शहीदों के बलिदान को नमन करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री साव ने किया ‘हर घर तिरंगा’ में भागीदारी का आह्वान
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक नागरिक से अपने घर, दुकान, कार्यालय एवं संस्थानों में राष्ट्रध्वज फहराने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों के त्याग और बलिदान को याद किया जा रहा है। यह अभियान राष्ट्रध्वज के साथ नागरिकों के भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने का माध्यम है।

तिरंगा शांति और सद्भाव का प्रतीक : विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि तिरंगा शांति और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुलामी के दौर में समाज में आई कुरीतियों और विकृतियों को दूर कर देश को गौरवान्वित करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों, महापुरुषों और देश की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हर घर पर तिरंगा फहराकर हम उन वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकली यात्रा
भाजपा द्वारा राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। तीनों नेता करीब 1500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ यात्रा में शामिल हुए।
घोड़ा-बग्घी के साथ निकली यात्रा सिद्धार्थ चौक, पुरानी बस्ती, कालीबाड़ी और महिला थाना चौक से होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष से राजधानी देशभक्ति के रंग में रंग गई। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।

बड़ी संख्या में भाजपा नेता और नागरिक हुए शामिल
तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल,लक्ष्मी रजवाड़े, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, आम नागरिक तथा स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी शामिल हुए।



