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फिंगरप्रिंट और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न, अपराध विवेचना होगी और सशक्त

कवर्धा, 5 अगस्त। अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कबीरधाम पुलिस द्वारा फिंगरप्रिंट एवं आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना एवं चौकी के विवेचना अधिकारियों, सहायक उप निरीक्षकों, प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों ने भाग लिया।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन में बुधवार को एकता चौक स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस दौरान फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार भारती का स्वागत किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अपराधों की जांच अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनती है तथा अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी उल्लेखनीय सफलता मिलती है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर वैज्ञानिक विधियों को दैनिक कार्यों में अपनाने की अपील की।

कार्यशाला में विशेषज्ञ धर्मेंद्र कुमार भारती ने घटनास्थल से चांस फिंगरप्रिंट प्राप्त करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया, फिंगरप्रिंट की पहचान एवं संरक्षण, फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन और विश्लेषण की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही एनएएफआईएस (NAFIS), एमसीयू (MCU) तथा अन्य आधुनिक वैज्ञानिक विवेचना प्रणालियों के उपयोग पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्यों के संरक्षण, अज्ञात आरोपियों की पहचान तथा तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की।

समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार भारती को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया और उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला के सफल संचालन में एमसीयू प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रभूषण सिंह, प्रधान आरक्षक मनीष सोनी तथा एनएएफआईएस प्रभारी चेतक नाथ योगी एवं आरक्षक यशवंत तिवारी का विशेष योगदान रहा।

कबीरधाम पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षणों से पुलिस बल आधुनिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधियों में अधिक दक्ष बनेगा, जिससे अपराधों की विवेचना तेज, प्रभावी और साक्ष्य आधारित होगी।

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