शाइन इंडिया अभियान के तहत उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
गुणवत्ता मानकों की जानकारी से जागरूक हुए उपभोक्ता, BIS CARE App और उपभोक्ता अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी
महिला स्व-सहायता समूहों, ऑटो चालक महिलाओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

अंबिकापुर। उपभोक्ता सुरक्षा एवं शिक्षा फाउंडेशन द्वारा संचालित “शाइन इंडिया अभियान” के अंतर्गत शनिवार को नगर निगम सभागार, अंबिकापुर (सरगुजा) में उपभोक्ता जागरूकता एवं गुणवत्ता मानक विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को उपभोक्ता अधिकारों, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के गुणवत्ता मानकों तथा सुरक्षित एवं प्रमाणित उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में लगभग 100 से 150 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर 3 से 4 महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, ऑटो चलाने वाली महिलाएं, पार्किंग एवं कैंटीन में कार्यरत महिलाएं सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान गुणवत्ता मानकों, उपभोक्ता अधिकारों और सुरक्षित उत्पादों के संबंध में विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न भी पूछे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपभोक्ता सुरक्षा एवं शिक्षा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. नवीन श्रीवास्तव ने की। संस्था की सचिव श्रीमती मीनाक्षी गौतम ने कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हाई कोर्ट एडवोकेट जे. पी. श्रीवास्तव रहे। स्वागत भाषण श्रीमती जयन्ती सिंह ने दिया। इस दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित विभिन्न गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि हॉलमार्क केवल सोने और चांदी के आभूषणों की शुद्धता का प्रमाण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के विश्वास और सुरक्षा की गारंटी भी है। इसी प्रकार आईएसआई (ISI) मार्क युक्त उत्पादों का उपयोग उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे खरीदारी करते समय हमेशा प्रमाणित उत्पादों का ही चयन करें।
कार्यक्रम के दौरान शिशु देखभाल, शिशुओं के पौष्टिक आहार, घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों के दुष्प्रभाव, बच्चों के खिलौनों के लिए बीआईएस मानक, महिलाओं के लिए स्वच्छता संबंधी उत्पादों के गुणवत्ता मानक, आईएसआई मार्क वाले रसोई उत्पादों का सुरक्षित उपयोग, गर्भनिरोधक साधनों की गुणवत्ता, उपभोक्ता अधिकार, सुगम्य भारत ऐप तथा बीआईएस केयर (BIS CARE) ऐप के उपयोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
विशेष सत्र में प्रतिभागियों को BIS CARE App के माध्यम से किसी भी उत्पाद की प्रमाणिकता की जांच करने की पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन कर बताया गया कि उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से ही उत्पाद की गुणवत्ता और प्रमाणन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे नकली एवं घटिया उत्पादों की पहचान करना आसान हो जाता है और उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलती है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि आज के समय में जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता खरीदारी से पहले उत्पाद की गुणवत्ता और प्रमाणन की जांच करें, तो बाजार में नकली एवं निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें।
मुख्य अतिथि हाई कोर्ट एडवोकेट जे. पी. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की उपभोक्ता शिकायत की स्थिति में निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर न्याय प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से हमेशा गुणवत्ता प्रमाणित उत्पाद खरीदने और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
संस्था की सचिव श्रीमती मीनाक्षी गौतम ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि कार्यक्रम से प्राप्त जानकारी को अपने परिवार, पड़ोस और समाज तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक बन सकें और सुरक्षित एवं मानकयुक्त उत्पादों का उपयोग करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानकयुक्त उत्पादों के उपयोग तथा उपभोक्ता अधिकारों और गुणवत्ता मानकों के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

