केंद्र के तीन बड़े फैसलों से छत्तीसगढ़ को मिलेगा औद्योगिक और कृषि विकास का नया आधार
रायपुर, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सेमिकॉन 2.0, राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026) और मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS) को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के ये तीनों फैसले देश की औद्योगिक क्षमता, कृषि सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।
विष्णुदेव साय ने कहा कि 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमिकॉन 2.0 योजना देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगी। इससे भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति, बेहतर अधोसंरचना, निवेश अनुकूल माहौल और कौशल विकास के कारण छत्तीसगढ़ भी उच्च तकनीक आधारित उद्योगों के लिए तेजी से उभरता केंद्र बन रहा है। इस योजना से राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 से देश में उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत होगी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना आसान होगा। इसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को मिलेगा तथा कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र की आत्मनिर्भरता के लिए लगातार मिलकर काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS) भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे भारतीय ब्रांडों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार तथा स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और उभरती प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए जा रहे ऐसे दूरदर्शी निर्णय विकसित भारत के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि नवाचार, निवेश, तकनीकी आत्मनिर्भरता, आधुनिक विनिर्माण और कृषि सशक्तिकरण पर आधारित यह विकास मॉडल आने वाले वर्षों में देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


