छत्तीसगढ़ की बेटी रागनी साहू का इंटरनेशनल मून मिशन के लिए चयन, राज्य की इकलौती छात्रा बनीं नेशनल फाइनलिस्ट

रायपुर। महासमुंद जिले की होनहार छात्रा रागनी साहू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की छात्रा रागनी का अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन ‘शक्तिसैट’ (ShaktiSat) के लिए नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में चयन हुआ है। वह इस प्रतिष्ठित मिशन के लिए पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित होने वाली इकलौती छात्रा हैं।
देशभर में हुई चयन प्रक्रिया के बाद केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट चुने गए हैं, जिनमें रागनी साहू ने अपनी प्रतिभा के दम पर स्थान बनाया। उन्होंने वर्ष 2025 में अपने विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा किया, जिसमें 21 विस्तृत मॉड्यूल और 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार और इंजीनियरिंग आधारित पाठ सफलतापूर्वक पूरे किए।
‘मिशन शक्तिसैट’ एक अंतरराष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत सहित 108 देशों के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। इस परियोजना के तहत दो चंद्र उपग्रह विकसित किए जाएंगे। इनमें एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा, जबकि दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
विद्यार्थियों द्वारा विकसित इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो द्वारा किया जाएगा। इससे पहले रागनी 22 से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेंगी, जहां उन्हें इसरो, IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तथा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से संबद्ध है। इसकी सफलता पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा, विद्यालय के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश ने रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


