नक्सल पीड़ित परिवार के देवा मंडावी को मिली शासकीय नौकरी, पुनर्वास नीति से मिला नया जीवन

रायपुर, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025” के तहत दंतेवाड़ा जिले के नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य देवा मंडावी को शासकीय सेवा में नियुक्ति मिली है। उन्हें कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख शाखा), दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर नियुक्त किया गया है।
देवा मंडावी ग्राम धुरवापारा, अरनपुर (विकासखंड कुआकोण्डा) के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय बुधरा मंडावी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की अनुशंसा और दंतेवाड़ा कलेक्टर की स्वीकृति के बाद उन्हें यह नियुक्ति प्रदान की गई।
यह नियुक्ति गृह (सी-अनुभाग) विभाग की 28 मार्च 2025 की अधिसूचना के प्रावधानों के तहत की गई है। नियुक्ति के साथ उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन मैट्रिक्स लेवल-01 का वेतन, महंगाई भत्ता तथा शासन के नियमानुसार अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
राज्य सरकार के अनुसार पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। इस पहल से प्रभावित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है और उनके भविष्य को नई दिशा मिल रही है।


