कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: पीएम जनमन आवास योजना ने बदली सरिता बैगा के परिवार की जिंदगी

पीएम जनमन आवास और महतारी वंदन योजना से मिला सुरक्षित घर, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन
रायपुर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी सरिता बैगा इसका उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना और महतारी वंदन योजना के लाभ से उनका परिवार अब सुरक्षित पक्के घर में रह रहा है और आर्थिक रूप से भी पहले की तुलना में अधिक सशक्त हुआ है।
सरिता बैगा का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बरसात के दिनों में खपरैल की छत से पानी टपकने, दीवारों में नमी आने और हर साल मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च होने से परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छोटे बच्चों के साथ सुरक्षित रहना भी बड़ी चुनौती थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के तहत सरिता बैगा को पीएम जनमन आवास योजना का लाभ मिला। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से उन्हें समय पर पक्का आवास मिला, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधायुक्त घर में रह रहा है।
नए आवास ने परिवार के जीवन में सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए हैं। अब बारिश का मौसम चिंता नहीं, बल्कि राहत लेकर आता है। बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं और पूरा परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है।
सरिता बैगा को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता भी नियमित रूप से मिल रही है। इस राशि से घरेलू जरूरतें पूरी करने, बच्चों की आवश्यकताओं और दैनिक खर्चों में मदद मिल रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
सरिता बैगा का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका परिवार भी पक्के घर में रहेगा। आज शासन की योजनाओं ने उनका सपना पूरा कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक सहयोग और बेहतर भविष्य का भरोसा दिया है।
ग्राम पंडरीपानी में पीएम जनमन आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास विभाग, जनपद पंचायत गौरेला, ग्राम पंचायत तथा मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका रही। योजनाओं के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन से विशेष पिछड़ी जनजातियों सहित पात्र ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।


