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पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया आज का प्रयास बनेगा सुखमय भविष्य की कुंजी

विश्व पर्यावरण दिवस विशेष!

महात्मा गांधी नरेगा योजना से पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार और आजीविका को मिल रही नई दिशा

जल संरक्षण और वृक्षारोपण के कार्यों पर जोर

कवर्धा– बिन पानी सब सुन, यह सिर्फ एक कहावत नहीं अपितु प्रमाणित तथ्य है कि पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीव-जंतुओं, पेड़, पौधे, पक्षियों एवं मनुष्यो के लिए पानी ही जीवन है। बिना पानी के पृथ्वी पर किसी भी जीव का जीवन कल्पना से परे हैं।पृथ्वी में कुल भू-भाग मात्र 21% ही है बाकी 79% क्षेत्र पानी से घिरा हुआ है।लेकिन इस 79% में सिर्फ 3% ही मीठा जल है और उसमें से भी मात्र एक प्रतिशत पानी ही पीने के योग्य है। पानी से न सिर्फ पर्यावरण और जीवन जुड़ा हुआ है बल्कि इसके साथ पूरी अर्थव्यवस्था भी जुड़ी हुई है।भारत जैसे कृषि प्रधान देश में जहां की 70% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत है और जिनका मूल पेशा कृषि है उनके लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण घटक है। पर्यावरण संतुलन और पानी की उपलब्धता एक दूसरे का पर्याय है। दिनों दिन गिरता भू-जल स्तर,जल संरक्षण में कमी,कम होते वन क्षेत्रो और वर्षा पर निर्भरता ने इस समस्या को और भी विकराल बना दिया है। आज की स्थिति में यदि पर्यावरण संतुलन और वर्ष जल का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढियो के लिए पीने के पानी की कमी हो जाएगी।ऐसे में पर्यावरण और जल संरक्षण बहुत चुनौती पूर्ण हो जाता है।कबीरधाम जिले को भविष्य के इस संकट से बचाने व्यापक तैयारियां की जा रही है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इस समस्या का समाधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से निकाला जा रहा है।

महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत हो रहे कार्यों पर एक नजर …….!

1) जल संवर्धन के कार्य कबीरधाम जिले के सभी 471 ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना द्वारा जल संरक्षण करते हुए गिरते भू-जल स्तर को बढ़ाने विभिन्न प्रकार के कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों से एक ओर ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर आजीविका के नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं। जन भागीदारी से अबतक 178245 सोकपीट का निर्माण किया गया है।साथ ही 112 अमृत सरोवर, 404 आजीविका डबरी, 5000 से अधिक कंटूर ट्रेंच,652 रिचार्ज पीट, 11 गेबियन निर्माण,515 कच्ची नाली, 435 तालाब गहरीकरण, 177 हितग्राही मूलक सिंचाई कूप, 20 नवा तारिया, 121 नाला पुनरुद्धार कार्य हो रहा है। इसके साथ सार्वजनिक डाबरी 75, सामुदायिक कूप 9, नेहरो का नवीनीकरण 7, रिटर्निंग वॉल 85, चेक डैम 152 एवं सामुदायिक ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट 76 बन रहे है।

2) वृक्षारोपण के कार्य
CLF द्वारा कुल 20419 पौधे रोपित जिसमे-बोडला .8465 कवर्धा , 2843, पंडरिया 5214, स.लोहारा 3897

3) एक पेड़ माँ के नाम में निःशुल्क पौधा वितरण – 112948

4) जन सहभागिता से वृक्षारोपण हेतु वितरित कुल पौधे 553500, जिसमे बोडला 150000, कवर्धा 150000, पंडरिया 163500 एवं स.लोहारा 90000

5) वन विभाग को स्वीकृत नर्सरी जिसमे बोडला 150000, पंडरिया 90000, स.लोहारा 30000

6) उद्यानिकी विभाग को नर्सरी के लिए स्वीकृत 180000 ,बोडला 9000, कवर्धा 90000

7) कृषि विज्ञान केंद्र को स्वीकृत नर्सरी कवर्धा 70000

अन्य योजनाओं के प्रयासों पर एक नजर….!

1) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण– कबीरधाम जिले में अभी तक 81000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूरा हो गया है। सभी घरों में सोखता गड्ढा बनाए जाने के लिए हितग्राही को प्रेरित किया जा रहा है। हजारों हितग्राहियों ने अपने घरों में सोखता गड्ढा का निर्माण पूर्ण कर लिया है।

2) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना– समूह की दीदियों द्वारा पांच प्रतिशत मॉडल अंतर्गत सोकपिट का निर्माण कर जल संरक्षण के लिए सभी को प्रेरित कर रही है। 5 प्रतिशत मॉडल के रूप में स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा अपने घरों एवं खेतों में सोकपिट का निर्माण कर रही है। इस अभियान में अभी तक 30000 से अधिक सोकपिट का निर्माण हो चुका है। यह कार्य स्व प्रेरणा एवं जन भागीदारी से हो रहा है तथा ग्रामीण महिलाएं 2×2×1 फीट का सोकपिट उपयुक्त स्थानो पर अपने परिवार के साथ श्रमदान करते हुए बना रही है।

3) स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण– योजना में जन भागीदारी से गांव के सभी प्रमुख जल स्रोतों के स्थलों जिसमें तालाब,डबरी, अमृत सरोवर हैंड पंप आदि स्थानों में साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है। लोगों को घर-घर जागरूक किया जा रहा है कि वह जल संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।

घरों में बने सोखता गड्ढा से बड़ी मात्रा में होगा जल संग्रहण :कलेक्टर गोपाल वर्मा

जिले के ग्रामीण अंचलों में मोर गांव मोर पानी महा अभियान अंतर्गत जल संरक्षण के लिए अलग-अलग प्रकार के स्ट्रक्चरों का निर्माण हो रहा है। साथ ही हम प्रयास कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित होने वाले सभी घरों में हितग्राही पानी बहने वाले उपयुक्त स्थानो पर सोखता गड्ढा का निर्माण करे जिससे वर्षा जल का बड़ी मात्रा में संग्रहण होगा जिससे पर्यावरण संतुलन में मदद मिलेगी।इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।मै सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूर बनाये और इस वर्षा ऋतु अधिक से अधिक पौधारोपण स्वयं करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जल संरक्षण का अभियान तभी सफल होगा जब सभी मिलकर इसके लिए प्रयास करेंगे।

जिले के भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण का कार्य जोरों पर: अभिषेक अग्रवाल

कबीरधाम जिला वृष्टि छाया क्षेत्र में होने के कारण असामान्य वर्षा ऋतु से प्रभावित रहता है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छोटे-बड़े स्ट्रक्चर का निर्माण वर्षा जल को रोकने के लिए हो रहा है।हमें उम्मीद है कि इन निर्माण कार्यों से हजारों घन मीटर पानी का संचय होगा।इससे गिरते भू-जल स्तर को रोकने में मदद मिलेगी और इसका लाभ स्थानीय आबादी को होगा। बड़ी मात्रा में जल का संग्रहण होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और इससे स्थानीय कृषकों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। 5 जून को जिले के सभी ग्राम पंचायतो में ग्राम सभा का आयोजन भी होगा। ग्राम सभा के दौरान जल संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व को ग्रामीणों के समक्ष रखा जा रहा है। ग्रामीणों को प्रेरित किया जाएगा कि आगामी वर्षा ऋतु में सब इस दिशा में अपना सहयोग जरूर दे।

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