एक कर्मचारी के भरोसे 8600 बिजली उपभोक्ता, स्टाफ की कमी से जूझ रहा मरका विद्युत कार्यालय

15 दिन में स्टाफ नियुक्ति नहीं हुई तो भारतीय किसान संघ करेगा उग्र आंदोलन
कवर्धा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के मरका कार्यालय में भारी स्टाफ की कमी के कारण क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया है कि पूरे क्षेत्र के 48 गांवों और लगभग 8600 बिजली उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी मात्र एक लाइनमैन के भरोसे छोड़ दी गई है, जिससे विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है।
किसान संघ के अनुसार क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने, बिजली तार टूटने, डीपी खराब होने, आंधी-तूफान के दौरान पोल गिरने और अन्य तकनीकी खराबियों की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप कई गांवों में बिजली आपूर्ति घंटों ही नहीं बल्कि कई बार दिनों तक बाधित रहती है। किसानों का कहना है कि कभी-कभी एक सप्ताह तक बिजली बंद रहने से सिंचाई कार्य प्रभावित होता है और फसलों को नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई अवसरों पर 24 घंटे से अधिक समय तक पूरे गांव में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रहती है। इससे न केवल कृषि कार्य प्रभावित होता है बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया है कि इस गंभीर समस्या से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विधायक तथा सांसद को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। शिकायत करने पर उपभोक्ताओं को अक्सर यही जवाब मिलता है कि पूरे क्षेत्र के लिए केवल एक लाइनमैन उपलब्ध है और वह एक साथ सभी स्थानों पर नहीं पहुंच सकता।
किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर मरका कार्यालय में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति कर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है तथा वे जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।




