मानसिक रूप से विक्षिप्त असहाय महिला को मिला जीवनमय सहयोग

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी
भेजा गया राज्य मनोचिकित्सालय केंद्र सेंद्री बिलासपुर
पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू के सहयोग से मिली असहाय को मदद
नालसा की मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाऐं योजना का लाभ जरूरतमंदो को मिल रहा है – पीएलवी साहू
खैरागढ़ : मानवता, संवेदनशीलता और सामुदायिक सहयोग की मिसाल पेश करते हुए खैरागढ़ में एक 45 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बेघर अज्ञात महिला को नया जीवन मिला है। यह सहयोग तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़, पुलिस प्रशासन, स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से संभव हो सका। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर, छत्तीसगढ़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष विजय कुमार होता के निर्देशन तथा तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ की अध्यक्ष मोहनी कंवर एवं सचिव निलेश जगदल्ला के मार्गदर्शन में पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू द्वारा साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, लोक अदालत और नालसा की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के दौरान यह जानकारी मिली कि मानसिक रूप से विक्षिप्त अज्ञात महिला को सिविल जिला अस्पताल खैरागढ़ में भर्ती कराया गया है।
जांच के दौरान प्रारंभ में महिला ने अपना नाम रूखमणी बताया किंतु सही पहचान बाद में सरपंच प्रतिनिधि हरप्रसाद वर्मा और पत्रकार दिनेश साहू ने बताया कि यह अज्ञात महिला पिछले 1 वर्ष से गांव में दिख रही है और लोग दया करके जो दे देते हैं उसको खाकर जी रही हे। वह अपना पता नहीं बता पा रही है और ना ही अपना नाम बताने में सक्षम नही है, कभी रुक्मणी बताती है कभी और कुछ।वह गांव के बाहर कचरों के बीच रहकर से जीवन यापन कर रही थी। क्योंकि महिला अधेड़ है इसके साथ कुकृत्य होने की भी संभावना बनी रहती है। तत्पश्चात पीएलवी गोलूदास साहू मौके पर पहुंचकर एम्बुलेंस के साथ सिविल अस्पताल खैरागढ़ में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन से संपर्क कर आपातकालीन सहायता सुनिश्चित की। अधेड़ असहाय महिला को तत्काल सिविल अस्पताल खैरागढ़ में भर्ती किया गया जहाँ डॉ.पंकज वैष्णव वह टीम इलाज तात्कालिक इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिमला बाई बीते पाँच से छह वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ होकर भिक्षाटन करते हुए जीवन यापन कर रही थी और उसका कोई परिजन या संरक्षक नहीं है। ऐसे में सामुदायिक सहयोग और न्यायिक तंत्र की संवेदनशील भूमिका ने उसे जीवन की नई दिशा दी। आगे के उपचार के लिए महिला को छत्तीसगढ़ राज्य मनोरोग चिकित्सालय, सेंद्री (बिलासपुर) रेफर किया गया। इस संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किए गए जिनके अनुसार महिला को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहाँ उसका उपचार डॉ.प्रीति और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला की सहायता में सरपंच बिमला बाई, उप सरपंच यादराम साहू, सरपंच प्रतिनिधि हर प्रसाद वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार दिनेश साहू, थाना प्रभारी खैरागढ़ अनिल शर्मा, आरक्षी रक्षित आरक्षी केंद्र प्रभारी के देव राजू,
प्रधान आरक्षक भागवत मेश्राम और मुस्तकीम खान, आरक्षक लक्ष्मी सिंह और नीलम पाल,
का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। बहरहाल यह घटना खैरागढ़ में न केवल प्रशासनिक तत्परता बल्कि मानवीय संवेदना, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक जिम्मेदारी का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।



