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वनांचल ग्राम रेँगाखार में लगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

87 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी, 119 ग्रामीणों की जांच, 8 लोगों ने किया रक्तदान

कवर्धा, 1 मार्च 2026। जिले के बैगा बाहुल्य वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेँगाखार में निःशुल्क सोनोग्राफी एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। वनांचल क्षेत्र में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 87 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी, 119 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच और 8 लोगों द्वारा रक्तदान किया गया। यह शिविर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित हुआ। जिससे दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला।

मातृ सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान

शिविर में 87 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी की गई। जांच के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की जानकारी मिली और जिन महिलाओं में जोखिम की आशंका थी, उन्हें तुरंत चिकित्सकीय सलाह दी गई। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच कराने, संतुलित आहार लेने, खून की कमी से बचाव, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां लेने तथा संस्थागत प्रसव कराने की सलाह दी। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि दूर-दराज क्षेत्र में ऐसी सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है।

सोनोग्राफी की उपयोगिता

सोनोग्राफी से गर्भ में शिशु के विकास की निगरानी, गर्भावस्था व प्रसव तिथि की पुष्टि, प्लेसेंटा और अम्नियोटिक द्रव की जांच की जाती है। इससे जन्मजात विकृतियों, प्लेसेंटा प्रीविया जैसी जटिलताओं तथा एक से अधिक शिशु की पहचान संभव होती है। यह जांच सुरक्षित गर्भावस्था और प्रसव के लिए अत्यंत आवश्यक है।

119 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच

शिविर के दौरान 119 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच (ओपीडी) की गई। मरीजों को बुखार, कमजोरी, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी सामान्य समस्याओं की जांच कर निःशुल्क दवाइयां दी गईं। डॉक्टरों ने लोगों को साफ-सफाई, पोषण और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के बारे में भी समझाया।

रक्तदान शिविर में पति-पत्नी ने एक साथ किया रक्तदान

शिविर में 8 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। जुगनू और उनकी पत्नी किरण ने एक साथ रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉक्टरों ने बताया कि रक्तदान से दुर्घटना, प्रसव और ऑपरेशन के समय मरीजों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही रक्तदान करने से दाता के स्वास्थ्य की भी जांच हो जाती है और शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण बढ़ता है।

टीबी मरीजों को पोषण किट वितरण

राष्ट्रीय प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 3 टीबी मरीजों को पोषण युक्त आहार किट प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए दवा के साथ पौष्टिक आहार भी बहुत जरूरी है।

इन गांवों को मिला लाभ

शिविर का लाभ रेंगाखार सेक्टर के खारा रेंगाखार, समनापुर, बहमनी, लोहाराडीह, बांदाटोला, निवासपुर तथा चिल्ली सेक्टर के शीतलपानी गांव के ग्रामीणों को मिला। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों में भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने ऐसे शिविर आगे भी जारी रखने का भरोसा दिलाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर गर्भवती महिला की समय पर जांच हो सके। बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि सोनोग्राफी से गर्भावस्था की जटिलताओं का पता पहले ही चल जाता है, जिससे समय पर उपचार संभव होता है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग और शासन का आभार जताया।

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