RAMP योजना अंतर्गत इंडस्ट्री–बैंकर मीट सम्पन्न

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी
खैरागढ़ :
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खैरागढ़–छुईखदान–गंडई द्वारा RAMP (रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना के तहत इंडस्ट्री–बैंकर मीट का आयोजन मैकल सदन, जिला पंचायत खैरागढ़ में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत खैरागढ़–छुईखदान–गंडई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की गई।
बैठक में अग्रणी बैंक प्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधक तथा जिन हितग्राहियों के प्रकरण बैंकों में लंबित थे, वे भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र प्रणय बघेल द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं हितग्राहियों का स्वागत करते हुए RAMP कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसके अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
तत्पश्चात् महाप्रबंधक द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनाओं के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रत्येक लंबित प्रकरण के संबंध में संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों से कारण पूछा गया तथा जिन प्रकरणों में स्वीकृति की प्रक्रिया प्रगति पर थी, उनके लिए अंतिम तिथि निर्धारित करवाई गई। इससे हितग्राहियों एवं बैंकों के मध्य समन्वय को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
अगले सत्र में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत थ्रस्ट सेक्टर उद्योगों की जानकारी दी गई तथा जिले में स्थापित किए जा सकने वाले संभावित उद्योगों की सूची पर विस्तृत चर्चा की गई।
समीक्षा उपरांत अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि छोटे उद्योगों के पास प्रायः वित्तीय सलाहकार या चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे संसाधन उपलब्ध नहीं होते, अतः बैंकों एवं शासकीय अधिकारियों को उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिला मुख्यतः कृषि आधारित है तथा लगभग 70 से 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। जिले की प्रति व्यक्ति आय अपेक्षाकृत कम होने के कारण छोटे ऋण से व्यवसाय प्रारंभ कर क्रमिक रूप से उद्योग को विकसित करने की रणनीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर बल देते हुए कहा कि कृषि प्रधान जिला होने के कारण यहां फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों एवं हितग्राहियों का सक्रिय सहभागिता हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गई।



