ChhattisgarhKCGखास-खबर

मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही के आरोप निराधार, प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो केसीजी

खैरागढ़ कतिपय मीडिया एवं सोशल मीडिया में बिना किसी तथ्यात्मक एवं तकनीकी प्रमाण के एक विशिष्ट मतदाता के निर्वाचक नामावली में प्रविष्टि के संबंध में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अर्हता तिथि 01.01.2026 की प्रक्रिया में गभीर लापरवाही करने की खबर प्रकाशित की गई है, जो कि निराधार है।

वास्तविक तथ्य यह है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अर्हता दिनांक 01.01.2026 के संदर्भ में प्रथमतः विशेष गहन पुनरीक्षण-2003 एवं संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 के मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं का परस्पर मिलान (SIR) कर आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 23.12.2025 को निर्वाचक नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। फलस्वरूप 2003 एवं 2025 के दौरान जिन मतदाताओं का नाम जिस रूप में दर्ज था, उसी अनुरूप पुनः मिलान कर एकीकृत सूची प्रकाशित की गई है। उक्त सूची में किसी प्रकार का आपत्ति अथवा दावा मतदाता या अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाना है, तो उसके लिए आयोग द्वारा दिनांक 23.12.2025 से 22.01. 2026 तक समय नियत किया गया है। मतदाता सूची में प्रविष्टियों के सबंध में विहित प्रारूप में दस्तावेजी साक्ष्य के साथ नियत समयावधि में आपत्ति प्रस्तुत किए जाने पर ही निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 12 से 21 तक के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी।

इस प्रकार जिला खैरागढ़-छुईखदान गण्डई में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत किया जा रहा है। पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page