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खैरझिटी खुर्द मे बैगलेस डे पर बच्चों ने की पतंग बाजी

खैरझिटी खुर्द मे बैगलेस डे पर बच्चों ने की पतंग बाजी

कवर्धा। शासकीय प्राथमिक शाला खैरझिटी खुर्द के शाला परिवार ने शनिवार को पतंग बाजी का आयोजन किया गया।बच्चों ने पतंग बाजी का जम कर मजा लिया। आसमान में उड़ती पतंग जैसे ही उपर की ओर बड़ रहा था वैसे ही बच्चों मे उत्साह दुगना हो जाता और खुशी से झूम उठते थे। शाला के प्रधान पाठक वोकेश नाथ योगी ने इस आयोजन के लिए बच्चों के उत्साह की प्रशंसा की और पतंग बाजी पर बच्चों को बताया की यह पतंग आप जैसी ही है जो खुले गगन में मस्त उड़ना चाहती है। हमारे देश में कई लोग त्योहारों पर तो कई लोग ख़ुशी के लिए पतंग उड़ाते हैं। पतंग उड़ाने की कला यह प्राचीन काल से चली आ रही हैं।

श्री योगी ने आगे बच्चा बताया कि देश के हर बच्चे और जवान पतंगबाजी करते हैं। हमारे देश में ज्यादा पतंग बसंत ऋतू में उड़ाए जाता हैं। इस दिन बहुत सारी पतंग उड़ती है जिसके कारण आसमान पूरा पतंगों से भरा हुआ दिखता हैं। भारत के लोग स्वतंत्रता दिवस पर भी पतंग उड़ाते हैं। सबसे ज्यादा बच्चों के द्वारा पतंग उडाए जाते हैं।पतंग यह एक पंख हैं। कच्चे धागे से आसमान में उड़ाया जाता हैं। पतंग को दो समान भाग होते हैं। यह दोनों भाग एक समान होते हैं। पतंग यह हवा में उड़ाया जाता हैं लेकिन जैसी हवा आती हैं उस तरह से पतंग आसमान को उड़ाया जाता हैं। पतंग आसमान में काफी दूर तक उडाता हैं। पतंग उड़ाना बच्चों का प्रिय खेल है। पतंग पतले कागज से बनती है। पतंग का आकार प्रायः चौकोर होता है। आजकल भिन्न-भिन्न आकार की पतंगें भी बनने लगी हैं। पतंगें अलग-अलग रंगों की होती हैं। पतंग को माँझे से आकाश में उड़ाया जाता है। पतंग हवा के सहारे बहुत ऊपर तक जाती है। आकाश में उड़ती हुई पतंग बहुत अच्छी लगती है। इस प्रकार प्रधान पाठक वोकेश नाथ योगी ने बच्चों को आसमान की बुलंदियों को छुने हेतु प्रेरित किया।शाला के शिक्षक चंद्रशेखर शर्मा ,अर्जुनसिंह मेरावी,और नन्दकुमार घोरमारे ने पतंग बाजी मे अपना हाथ अजमाया, अपने गुरु जनो को पतंग उड़ाते देख बच्चे बहुत खुश हुए।

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