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मानसून में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जलजनित और मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित

कवर्धा, 14 जुलाई। मानसून की शुरुआत के साथ कबीरधाम जिले में जलजनित, वाहकजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण और त्वरित उपचार के लिए जिलेभर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने जिलेवासियों से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स सहित अन्य चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी बीमारी के प्रकोप की स्थिति में तत्काल नियंत्रणात्मक कार्रवाई की जा सके।

सीएमएचओ ने बताया कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया सहित अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिक केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। उन्होंने पानी को उबालकर अथवा क्लोरीनयुक्त कर पीने, कुओं, हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों की नियमित सफाई बनाए रखने तथा घरों के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी।

मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए विशेष सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा घर और आसपास जलभराव नहीं होने देने की सलाह दी है। कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की अपील की गई है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।

इसके अलावा लोगों को बासी, दूषित एवं खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने, फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने तथा भोजन स्वच्छ वातावरण में तैयार करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

लक्षण दिखने पर तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, शरीर दर्द, पीलिया अथवा अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वयं दवा लेने से बचें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। बच्चों में दस्त होने पर ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग लाभकारी बताया गया है।

आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, रोगों की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी बीमारी की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग, जागरूकता और सतर्कता से ही मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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