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टिड्डियों के बारे में हर सवाल का जवाब, देश के कई राज्य इससे प्रभावित

What are locust and how they are affecting india
Image Source : PTI

नई दिल्ली: रेगिस्तानी टिड्डियों को सबसे विनाशकारी प्रवासी कीट माना जाता है, जो अब भारत में खाद्य सुरक्षा के लिये एक गंभीर खतरा पेश कर रहा है। यह टिड्डियां मूल रुप से अफ्रीका में पैदा होती है। विशेषज्ञों ने अनुसार जिन टिड्डियों ने भारत में समस्या पैदा की है वह अफ्रीका के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बलूचिस्तान और ईरान में प्रजनन के बाद भारत पहुंची है। 

कैसे तबाही मचाती हैं टिड्डियां?

टिड्डियां एक दल में लाखों और करोड़ों की तादाद में हो सकती है। ये जिस पेड़ या खेत में बैठ जाती हैं उसे नष्ट कर देती हैं। यह इतनी संख्या में पेड़ों पर बैठती है की उनके वजन से पेड़ टूट जाते है। टिड्डियों का झूंड एक दिन में 150 किमी तक उड़ सकता हैं, जिससे उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। यह कई लाख हेक्टेयर फसल को सफा चट कर सकती है। अगर भारत ने समय पर इसपर काबू नहीं पाया तो इसबार करोड़ों का नुकसान हो सकता है। 

कैसे होगा इनसे बचाव?

इनसे रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव जा रहा है। कीटनाशक के छिड़काव के लिए वाहनों का इस्तेमाल हो रहा है। रासायनिक उपायों में कारबैरिल को टिड्डियों के लिए सबसे असरदार माना जाता है लेकिन इसके छिड़काव से फसलों के लिए उपयोग कीट भी नष्ट होते हैं। साथ ही, कैनोला तेल को कीटनाशक में मिलाकर स्प्रे का तरीका भी कुछ जगह अपनाया जाता है।

इसके अलावा भारत में जहां-जहां प्रशासन को इनके पहुंचने की संभावना है वहां सभी निगरानी समितियों, ग्राम प्रधान तथा बीट कांस्टेबल को निर्देश दिया कि क्षेत्र में टिड्डी दल के भ्रमण की तत्काल जानकारी दें ताकि टिड्डियां जब रात को विश्राम करें तो उन्हें रसायन छिड़क कर मारा जा सके।

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10 हजार से ज्यादा प्रजातियां

विश्व में टिड्डियों की 10 हजार से ज्यादा प्रजातियां बताई जाती हैं, लेकिन भारत में मुख्य तौर से चार प्रजातियां रेगिस्तानी टिड्डा, पेड़ वाला टिड्डा, बम्बई टिड्डा और प्रव्राजक टिड्डा ही सक्रिय रहती हैं। जब यह लाखों के झुंड में इकठ्ठे होते है तो यह वहां बड़ी संख्या में आबादी को प्रभावित करते है। 

भारत में टिड्डों से प्रभावित राज्य

भारत में राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश इन टिड्डियों से प्रभावित है। पंजाब में भी इनको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। फरीदाबाद स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) के अनुसार यह पिछले 26 साल में टिड्डी दल का सबसे बुरा हमला है। 

उप्र के 10 जिले हाई अलर्ट पर

उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आफत का सबब बने टिड्डी दल के प्रकोप के मद्देनजर राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में टिड्डी दल के हमले का खतरा है।

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