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नवागांव बरगांव की महिला समूह बनी मिशाल, वर्मी खाद एवं प्याज उत्पादन कर कमाया रु 4.10 लाख

नवागांव बरगांव की महिला समूह बनी मिशाल, वर्मी खाद एवं प्याज उत्पादन कर कमाया रु 4.10 लाख

खैरागढ़ : 29-05-2023
जिला खैरागढ़-छुईखदान – गण्डई में गोधन न्याय योजना की शुरूवात के साथ ही ग्रामीण अंचलों में रोजगार के नये अवसरों का रास्ता भी खुलते जा रहा है। खैरागढ़ विकासखण्ड के नवागांव बरगांव की महिला समूह गौठान में गोबर विक्रय, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी से महिला समूह कर रही कमाल और बन रही मिशाल।

विकासखंड खैरागढ़ के नवागांव बरगांव गौठान की पद्म श्री नैनादेवी स्वयं सहायता समूह ने इस अवसर को पहचाना व वर्ष 2020-21 में से अब तक वैज्ञानिक तरिके से वर्मी खाद उत्पादन कर जरूरत मंद किसानों को अब तक 1028.81 क्विंटल खाद का विक्रय कर 310842 रूपये एवं वर्ष 2022-23 में 40 क्विटल व्याज उत्पादन कर 1 लाख रूपये की आमदानी अर्जित कर चुके है, साथ ही अन्य महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर व प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ रही है। आय अर्जन करना गौ- पालकों एवं महिला समूह के लिए योजना अंतर्गत तयबद्ध कार्य तो था ही जिससे गौ- पालक एवं स्वयं सहायता समूह आर्थिक सक्रियता की ओर बढ़ रहे है अपितु आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही स्वालम्बन की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। आगे बढ़ने के लिए महिला समूह गौठान में कार्य करते हुए अपने आर्थिक विकास के लिए अतिरिक्त नवीन गतिविधियों को अपनाकर नये सोपान तय करने की दिशा में भी अग्रसर है। वर्मी खाद उत्पादन एवं विकय वर्तमान में जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ रहे कृषकों के लिए सबसे अनिवार्य अवयव है, जो महिला समूहों के लिए अतिरिक्त आमदानी का सबसे सफल व्यवसाय हैं।

समूह के अध्यक्ष श्रीमती लता नेताम के अनुसार जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन के साथ ही कृषि विभाग से प्रारंभिक तौर पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के कारण ही महिला समूह इस कार्य में पारंगत हुई है, साथ ही प्याज उत्पादन को बड़े स्तर पर करने के लिए वर्मी कम्पोस्ट से प्राप्त लाभांश को भी इस कार्य में शामिल कर रहे है, जिससे प्राप्त होने वाले आय को समूह के सदस्य आपस में बाट कर परिवार के बचत खाता में राशि सुरक्षित रखने, बच्चों के उत्कृष्ट शिक्षा में सहयोग, अपने लिए गहने तथा घर के मरम्मत जैसे आवश्यक कार्य को करने का सबल प्राप्त कर रहे है। महिला समूह के सदस्य अब आय मूलक गतिविधियों जैसे जिमीकंद, हल्दी अदरक का पोषण वाटिका, वर्मी कम्पोस्ट एवं वाश निर्माण, रागी मिलेट से पौष्टिक आहार बनाने जैसे विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर निरन्तर बेहतर कार्य कर रही है और आय का अर्जन हो रहा है।

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