G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhKCGखास-खबर

ग्रामीणजन पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया संकल्प

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार KCG

खैरागढ़ : मंथली प्लान ऑफ एक्शन के तहत अध्यक्ष विजय कुमार होता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के निर्देशानुसार और अध्यक्ष मोहनी कंवर तालुक विधिक सेवा समिति खैरागढ़ एवं सचिव निलेश जगदल्ला के मार्गदर्शन में आज दिनांक 05.06.2026 ग्राम पांडादाह में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन कर पेड़ लगाया गया और उपस्थित लोगों को पैरा लीगल वालंटियर गोलूदास द्वारा पेड़ लगाकर उन्हें संरक्षित करने हेतु प्रेरित किया गया,ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य और पर्यावरण एक दूसरे के अभिन्न अंग है बताया गया की पूरी सृष्टि प्रकृति और पर्यावरण पर निर्भर है। जीने के लिए जिस हवा, पानी, खाद्यन की जरूरत होती है, वह पर्यावरण की देन है। इनके बिना सृष्टि और किसी जीव की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमारे आसपास का वातावरण पेड़-पौधे, नदी, जंगल, जमीन और पहाड़ आदि से घिरा है। इसी को तो प्रकृति कहते हैं। इसी प्रकृति से हम बहुत कुछ लेते हैं, लेकिन बदले में हम प्रकृति को क्या देते हैं? अगर ध्यान देंगे तो दशकों से हम प्रकृति को सिर्फ प्रदूषित कर रहे हैं। पर्यावरण का दोहन कर रहे हैं। जंगलों को काटना, नदियों को गंदा करना, वातावरण को प्रदूषित करना आदि के कारण हम प्रकृति का अस्तित्व खत्म करने के साथ ही अपने जीवन और आने वाली पीढ़ी के लिए खतरनाक वातावरण बना रहे हैं। ऐसे में छोटे छोटे प्रयास करके हम पर्यावरण संरक्षण कर सकते हैं। अगर प्रकृति संरक्षित होगी तो मानवीय जीवन सुरक्षित होगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस पर्यावरण दिवस के मौके पर आप भी अपने दोस्तों, करीबियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करके प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दें। प्रियजनों को पर्यावरण संरक्षण के जागरूकता संदेशों को भेजकर विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दें। हम पर्यावरण की रक्षा करें और धरती पर संतुलन बनाए रखें. आज के इस औद्योगिक सभ्यता वाले युग में पर्यावरण बुरी तरह से दूषित हो रहा है. पर्यावरण में प्रदूषण के बढ़ते लेवल की वजह से कभी बारिश तो कभी सूखे की स्थिति रहती है. ऐसे में जरूरी है कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक कराया जाए.आगे ग्रामीणजन पर्यावरण संरक्षण के लिए लिया संकल्प लिए।
कैसे हुई थी पर्यावरण दिवस की शुरुआत?
1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने पर्यावरण प्रदूषण की समस्या को देखते हुए स्टाकहोम (स्वीडन) में विश्व भर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया था, इसमें 119 देशों ने भाग लिया. इसी सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का जन्म हुआ तथा हर साल 5 जून को पर्यावरण दिवस आयोजित करके नागरिकों को प्रदूषण की समस्या से अवगत कराने का निश्चय किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाते हुए राजनीतिक चेतना जागृत करना और आम जनता को प्रेरित करना था.
उक्त कार्यक्रम कार्यक्रम को सफल बनाने सरपंच तुलसी नितिन भांडेकर, जनपद सदस्य सरस्वती सन्नी यदु, उप सरपंच नितेश देवांगन, सचिव श्याम सुंदर धुर्वे, संजू कंवर, कपिल नाथ यदु, संजय यदु, वल्लभ दास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page