बेटी बचाओ का नारा लेकिन देश की बेटियां सुरक्षित नहीं, कानून व्यवस्था चरमराई

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने किया शर्मसार, आदिवासी महिलाओं के प्रति अत्याचार की बढ़ रही घटनाएं
रायपुर/14 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने महिलाओं पर बढ़ रही अत्याचार की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट बताती है कि देश की कानून व्यवस्था चरमरा गई है। महिलाओं को संरक्षण नहीं मिल रहा, न्याय नहीं मिल रहा। आज हर एक घंटे में 51 अत्याचार की शिकायतें आ रही है। 45 फीसदी घटनाएं तो अपहरण, हमले और बलात्कार की हैं।
राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि केंद्र हो या राज्य हो दोनों जगह डबल इंजन की सरकार फेल हो रही है और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के प्रति अपराध की दर प्रति लाख आबादी पर 60.3 दर्ज की गई है जो कि राष्ट्रीय औसत 57.2 से अधिक है। 2023 से फरवरी 2026 तक अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 2455 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 41 प्रतिशत मामले बलात्कार के हैं। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ – बेटी पढाओ का नारा देती है और दूसरी तरफ बेटियों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार बेटियों को सुरक्षा नहीं दे रही। श्रीमती नेताम ने छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर यह बात कही। श्रीमती नेताम ने कहा कि नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने आदिवासी समाज ही नहीं देश की आधी आबादी को हिला कर रख दिया है। न्याय नहीं मिलने से महिलाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यदि इसी तरह से अत्याचार बढ़ते रहे तो पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन किए जाऐंगे।




