लाल बहादुर शास्त्री और राजनारायण के साथ नैनी जेल में रहे थे प्रो. बालचंद्र जैन

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन ने मनाई 26वीं पुण्यतिथि, जया जैन बनीं जिला महिला अध्यक्ष

बिलासपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन, बिलासपुर की ओर से नवंबर माह के प्रथम रविवार को स्वतंत्रता सेनानी एवं शिक्षाविद् प्रो. डॉ. बालचंद्र जैन की 26वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। महामाया चौक स्थित जैन परिवार के निवास पर हुए कार्यक्रम में उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान और उनके आदर्शों से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है।

कार्यक्रम संयोजक एवं पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने बताया कि अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मुरली खंडेलवाल के निर्देशानुसार ’10 मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम’ कार्यक्रम के तहत आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद कर उनके विचारों को समाज तक पहुंचाना है।
तीन बार गए जेल, शास्त्री और राजनारायण के साथ रहे
प्रो. बालचंद्र जैन के पुत्र राजेश जैन ने उनके जीवन से जुड़े प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को जन्मे उनके पिता बचपन से ही क्रांतिकारी विचारों के थे। देश की आजादी के आंदोलन में उन्होंने तीन बार जेल यात्रा की थी। नैनी जेल में वे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और राजनारायण के साथ भी रहे थे।
प्रो. जैन ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में एमए और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। महात्मा गांधी, मदन मोहन मालवीय, चंद्रशेखर आजाद और लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान हस्तियों से उनके अच्छे संबंध थे। वर्ष 1951 में एसबीआर कॉलेज, बिलासपुर में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू की और बिलासपुर में ही बस गए। नवंबर 2001 में उनका निधन हो गया।
ध्वज वंदन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे राष्ट्रीय ध्वज वंदन के साथ हुई। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित लोगों ने राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’, वंदे मातरम्, ध्वजगीत और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। इसके बाद महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, जनसेवा, वृक्षारोपण, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और अरपा नदी की सफाई जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
जया जैन को जिला महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान संगठन की महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उषाकिरण बाजपेयी ने उपस्थित सदस्यों की सहमति से श्रीमती जया जैन को जिला महिला अध्यक्ष नियुक्त किया। इस अवसर पर उन्हें श्रीफल और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संरक्षक बाबा ई. रमेंद्रराव, जिला अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे, कोषाध्यक्ष इंदर टहलियानी, सचिव सोनम साहू, संरक्षक अनिल तिवारी, प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष सौमित्र तिवारी, डॉ. मधुलिका सिंह और निवेदिता सरकार सहित अन्य सदस्यों ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और उनकी स्मृतियों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर विचार रखे।
बैठक में वाणी राव, रमाकांत शुक्ला, अशोक तिवारी, रमेश श्रीवास, केके वर्मा, श्वेता पांडेय, आशीष खंडेलवाल, ध्रुव कुमार भांगे, आरके जैन, गरिमा सराफ, लक्ष्मीनाथ देवांगन, राजेंद्र कुमार सोनी, कुसुमलता सोनी, सृष्टि देवांगन, अदिति तिवारी, सुमन जैन, संगीता जैन, मयंक जैन, दिव्या जैन, आशुतोष सिंह, दीक्षा सिंह और भव्या सिंह सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने किया। आभार प्रदर्शन जया जैन ने किया। जलपान के बाद सभा का समापन हुआ। संगठन की अगली बैठक 6 दिसंबर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर के निवास, दयालबंद में आयोजित की जाएगी।
