एलपीजी गैस की आपूर्ति निरंतर जारी
AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार
खैरागढ़ : जिला खाद्य शाखा, कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़ द्वारा घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को लेकर विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए खंडन जारी किया गया है। विभाग ने कहा है कि जिले में एलपीजी वितरण व्यवस्था वर्तमान में सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस आपूर्ति की जा रही है।
खाद्य विभाग के अनुसार दैनिक समाचार पत्र नवभारत में प्रकाशित “छुईखदान-खैरागढ़ में घरेलू गैस वितरण पर गंभीर अनियमितताएं” संबंधी समाचार का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि क्षेत्र के गैस वितरक नियमानुसार वितरण का प्रयास कर रहे हैं और वर्तमान में उपभोक्ताओं को घंटों धूप में खड़े रहने जैसी स्थिति नियंत्रण में है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि होम डिलीवरी नहीं देने तथा 400 से 500 रुपये अतिरिक्त वसूली संबंधी कोई लिखित शिकायत अब तक प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि समाचार की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड की सूक्ष्म जांच की जा रही है। विभाग ने यह भी बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किए जाते हैं तथा समाचार में लगाए गए मिलीभगत के आरोप प्रथम दृष्टया निराधार प्रतीत होते हैं।
इसी प्रकार दैनिक समाचार पत्र हरिभूमि में प्रकाशित “रसोई गैस की किल्लत, गांवों में बढ़ी केरोसिन की मांग” संबंधी समाचार पर भी खाद्य विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। विभाग के अनुसार सड़क अतरिया, चकनार, संडी, मानपुर सहित ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में एलपीजी की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा रिफिल बुकिंग के बाद निर्धारित समय में वितरण किया जा रहा है।
विभाग ने कहा कि “डेढ़ से दो माह में एक टंकी मिलने” जैसी बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाई गई हैं। वहीं उचित मूल्य दुकानों में केरोसिन एवं अन्य सामग्री की उपलब्धता शासन से प्राप्त आवंटन के अनुसार सुनिश्चित की जा रही है।
जनहित को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक रजिस्टर की जांच, गैस एजेंसियों को वनांचल क्षेत्रों में विशेष रूट चार्ट पालन के निर्देश तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी एवं जनसंपर्क के माध्यम से वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
खाद्य विभाग ने कहा कि वर्तमान स्थिति समाचारों में वर्णित परिस्थितियों से भिन्न है, फिर भी उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सघन निगरानी जारी है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता एवं वितरकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।



