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जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन्स अलायंस कृषक सहयोग संस्थान ने मनाया विश्व बाल श्रम निषेध दिवस

कवर्धा। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क की पार्टनर संस्था कृषक सहयोग संस्थान ने स्वामी विवेकानंद एकेडमी परिसर में बाल श्रम के खात्मे और बच्चों के अधिकारों, उनके कानूनी संरक्षण तथा युवाओं के करियर मार्गदर्शन हेतु एक वृहद संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अमन कुमार तिग्गा सर माननीय न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित उप पुलिस अधीक्षक अंजू कुमारी मैम उपस्थित रहीं। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी क्रांति साहू भी विशेष रूप से मंच आसीन रहीं। कार्यक्रम के शुभारंभ में संस्था के आशु चंद्रवंशी एवं सहयोगियों द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर अत्यंत सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

1 जून से 30 जून तक चल रहा है कृषक सहयोग संस्थान का महाअभियान

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए संस्था के आशु चंद्रवंशी ने बताया कि कृषक सहयोग संस्थान बाल अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संस्था द्वारा 01 जून से 30 जून तक पूरे एक महीने का सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत संस्था की टीमें कबीरधाम जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों, वनांचलों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों तथा अलग-अलग समुदायों के बीच जाकर जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में फैले बाल श्रम, बाल विवाह और बच्चों के साथ होने वाले हर प्रकार के आर्थिक व मानसिक शोषण का पूर्णतः खात्मा करना है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों और अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाने तथा बाल विवाह व बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।कृषक सहयोग संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है।

शोषण और तस्करी के खिलाफ एकजुट हों युवा : डीएसपी अंजू कुमारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित उप पुलिस अधीक्षक अंजू कुमारी मैम ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दिन का मूल उद्देश्य हर उस बच्चे को उसका बचपन वापस लौटाना है, जिससे उसकी शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। युवाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे समाज में हो रहे आर्थिक, लैंगिक शोषण और मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक विसंगतियों के खिलाफ अपनी आंखें और कान खुले रखें। यदि कहीं भी किसी बच्चे का शोषण या बाल श्रम होता दिखे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।साथ ही मैम ने डिफेंस और पुलिस बल की तैयारी कर रहे युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि अनुशासन ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। भटकाव से दूर रहकर समाज को मुख्यधारा से जोड़ना और स्वयं को देश सेवा के लिए तैयार करना ही आपकी सच्ची देशभक्ति होगी।

कानून की समझ और अनुशासन ही सफलता की कुंजी : न्यायाधीश अमन कुमार तिग्गा

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित माननीय न्यायाधीश अमन कुमार तिग्गा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में बच्चों को बाल अधिकारों, बाल श्रम नीति तथा किशोर न्याय अधिनियम की कानूनी कड़ियों से अवगत कराया। उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवक-युवतियों के आचरण पर बात करते हुए कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों और कानूनों का ज्ञान होना अनिवार्य है। सड़कों पर चलते समय ‘मोटर व्हीकल एक्ट’ यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि आपका जीवन सिर्फ आपका नहीं, आपके परिवार और देश की अमानत है। वर्तमान समय में मोबाइल तकनीक एक दोधारी तलवार है; इसका उपयोग ज्ञान अर्जित करने और पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए करें, न कि इसके दुरुपयोग में अपना कीमती समय और भविष्य बर्बाद करें।माननीय न्यायाधीश महोदय ने संविधान में निहित मूल अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने हेतु प्रोत्साहित किया। साथ ही बाल श्रम के प्रकारों को बताते हुए बाल श्रम रोकने के लिए प्रेरित किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की बाल संरक्षण अधिकारी क्रांति साहू ने संक्षिप्त में बच्चों को संबोधित करते हुए विभाग द्वारा संचालित पुनर्वास व रेस्क्यू अभियानों की जानकारी दी और कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यही हमारी प्राथमिकता है। वहीं आरक्षक एवं स्वामी विवेकानंद एकेडमी के शिक्षक विक्की चंद्रवंशी ने बाल श्रम को खत्म करने के लिए हम सबको आगे आना है और इसे लोगों को बताकर जागरूक करने की अपील किया। कृषक सहयोग संस्थान के जिला समन्वयक ललित सिन्हा ने संस्था के सामाजिक कार्यों का ब्यौरा देते हुए युवाओं को हर परिस्थिति में ईमानदारी से मेहनत करने की सीख दी।

बच्चों की बौद्धिक क्षमता को परखने के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

प्रतियोगिता में पूछे गए 5 जटिल प्रश्नों का त्वरित और सटीक उत्तर देने वाले प्रतिभावान बच्चों को मुख्य अतिथियों के कर-कमलों से प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही, शिक्षा के प्रति उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उपस्थित सभी बच्चों को पेन वितरण किया गया।कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्रभा गहरवार एकेडमी के प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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