सरकार बताये उर्वरकों की उपलब्धता की सच्चाई क्या है?

केंद्रीय कृषि मंत्री कमी बता रहे, राज्य के कृषि मंत्री पर्याप्त बता रहे सच्चाई क्या है?
रायपुर/22 अप्रैल 2026। कृषि मंत्री रामविचार नेताम दावा कर रहे कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह देश में 50 प्रतिशत उर्वरकों की कमी बता रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि समाचार माध्यमों में जो खबरें आ रही उसके अनुसार प्रदेश में अभी तक आवश्यकता का मात्र तीस फीसदी उर्वरक ही उपलब्ध है। सरकार बताये कि सच्चाई क्या है तथा प्रदेश में वर्तमान में कितनी उर्वरक की उपलब्धता है?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खरीफ की फसल राज्य के किसानों का जीवन आधार है। यदि खरीफ की फसल के लिए सरकार किसानों को उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं करवा पाती है तो यह राज्य के किसानों के लिए परेशानी का कारण बनेगा, उनकी फसल भी प्रभावित होगी तथा उन्हें अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए खुले बाजार और ब्लेक मार्केट से उर्वरक खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को 14 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता थी, साय सरकार शुरू के दो माह तक मात्र 80 हजार मीट्रिक टन ही उर्वरक दे पायी थी, आखिर तक जरूरत से आधे का भी इंतजाम नहीं कर पायी सरकार। किसान यूरिया से लेकर डीएपी और पोटाश सभी के लिए भटकते रहे, बिचौलियों के द्वारा ब्लेक मार्केट में तीन से चार गुने दाम में किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ा था। आगामी खरीफ सीजन में 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता अनुमानित है, पर इस सरकार की तैयारी आधी भी नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि किसान खरीफ सीजन शुरू होने के तीन महिना पहले फरवरी में ही अपनी डिमांड सोसायटी के माध्यम से सरकार तक पहुंचा देते है। सरकार का दायित्व है कि वह किसानों के मांग के अनुरूप सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाएं ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। सरकार उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करे। कृषि मंत्री स्पष्ट करे कि अभी तक सरकार के पास कितने टन उर्वरकों की मांग का अनुमान है और सरकार ने कितने टन उर्वरक इंतजाम कर लिया है। पिछली बार की तरह झूठ बोलकर किसानों को गुमराह मत करे। मंत्री की हड़बड़ाहट बता रही है कि इस बार भी केंद्र की सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के हक और अधिकार का उर्वरक देने से आनाकानी कर रही है और दलीय चाटुकारिता में भाजपा के नेता अभी से बहाने तलाश रहे है।


