तीन महीने से पुलिस को चकमा दे रहा साइबर ठगी का मास्टरमाइंड नीलू यादव गिरफ्तार

टीकमगढ़-निवाड़ी के सीमावर्ती क्षेत्र से पकड़ा गया आरोपी, कबीरधाम समेत मध्यप्रदेश में कई मामले दर्ज; ठगी की रकम होल्ड कराई
कवर्धा, 1 सितंबर। साइबर ठगी के मामलों में कबीरधाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर पुलिस ने पिछले करीब तीन महीने से पुलिस को चकमा दे रहे साइबर ठगी के मुख्य आरोपी नीलू यादव को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़-निवाड़ी के सीमावर्ती क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ कबीरधाम के अलावा मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे दबोचा।
शिक्षक को फोन कर डराया, यूपीआई से कराई रकम ट्रांसफर
मामला 4 मई 2026 का है। कबीरधाम के एक शिक्षक ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन कर भय और दबाव बनाया गया तथा यूपीआई के माध्यम से राशि ट्रांसफर कराई गई। शिकायत पर साइबर थाना कबीरधाम में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी, बैंक खातों में हुए लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इससे आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश के निवाड़ी और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मिली।
दूसरे लोगों को भी बनाया निशाना
जांच में पता चला कि आरोपी ने कबीरधाम जिले में अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह साइबर ठगी की थी। इस मामले में 8 मई को साइबर थाना कबीरधाम में अपराध क्रमांक 05/2026 दर्ज किया गया। दोनों मामलों को जोड़कर पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाता था। ठगी की रकम अलग-अलग चॉइस सेंटरों और बैंकिंग माध्यमों से जमा या ट्रांसफर कराई जाती थी।
एमपी में भी दर्ज हैं मामले
जांच में सामने आया कि नीलू यादव के खिलाफ मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में अपराध क्रमांक 10/2026 सहित अन्य मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ एक अन्य प्रकरण भी दर्ज पाया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में जेल जा चुका है और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है।
ठगी की रकम समय रहते होल्ड
साइबर पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़ित की ठगी गई रकम को समय रहते होल्ड कराया। बैंकिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से रकम को सुरक्षित कराने में मदद मिली।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
कबीरधाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर पुलिस थाना को सूचना दें, ताकि ठगी की रकम को समय रहते होल्ड कराया जा सके।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (आईपीएस) के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार व अमित पटेल, एसडीओपी अखिलेश कौशिक और डीएसपी प्रशांत देवांगन के निर्देशन में की गई। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में टीम ने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आरोपी की तलाश की। टीम में सउनि चंद्रकांत तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, आरक्षक संदीप शुक्ल, नरेंद्र चंद्रवंशी, आकाश राजपूत, विकास श्रीवास्तव सहित साइबर टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।


