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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय परिपत्र जैव-ऊर्जा योजना ‘गोबरधन’ को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत सरकार 23,731 करोड़ रुपए का कुल परिव्यय करेगी। इसका उद्देश्य देश में घरेलू संपीड़ित बायोगैस (CBG) उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना और इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गोबरधन योजना को छह प्रमुख स्तंभों के आधार पर लागू किया जाएगा। इनमें सुनिश्चित खरीद, मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना विकास, ऋण गारंटी और नवाचार के लिए चैलेंज फंड शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि योजना से जैविक कचरे और गोबर का बेहतर उपयोग होगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
योजना के माध्यम से कचरे से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देकर देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही सीबीजी प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।




