दंतेवाड़ा विज्ञान केंद्र पहुंचे इसरो के वैज्ञानिक: जनजातीय बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की पहल की सराहना

रायपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर आनंद और उनकी विशेषज्ञ टीम ने मंगलवार को जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा का भ्रमण कर वहां संचालित वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। इसरो के वैज्ञानिकों ने विज्ञान केंद्र में विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे नवाचारों और प्रयोग आधारित शिक्षण मॉडल की सराहना करते हुए इसे जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की प्रभावी पहल बताया।
भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने विज्ञान केंद्र की स्पेस गैलरी, फिजिक्स गैलरी, माइनिंग गैलरी, विभिन्न वैज्ञानिक प्रदर्शनों, वर्किंग मॉडल्स तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित ‘करके सीखें’ गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान को प्रयोगों और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से समझाने का यह प्रयास बच्चों में जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी गतिविधियों की सराहना
इसरो की टीम ने विज्ञान केंद्र में नियमित रूप से आयोजित शैक्षणिक भ्रमण, ‘कबाड़ से जुगाड़’ विज्ञान गतिविधियों तथा खगोल विज्ञान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन को भी सराहा। वैज्ञानिकों का कहना था कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

केंद्र की टीम के प्रयासों को मिली सराहना
इसरो के वैज्ञानिकों ने विज्ञान केंद्र के प्रभारी उपेंद्र गौतम और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे विज्ञान केंद्र भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
भ्रमण के अंत में विज्ञान केंद्र प्रबंधन ने इसरो की टीम का आभार व्यक्त किया। वैज्ञानिकों के आगमन से केंद्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिकों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।


