धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण : सीएम साय
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का निर्णय सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री
रायपुर, 25 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के प्रत्येक दायित्व का निर्वहन निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है। उनकी कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण सार्वजनिक जीवन में सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
पद से इस्तीफा नैतिक आचरण का प्रेरक उदाहरण
सीएम साय ने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पद से त्यागपत्र देने का धर्मेंद्र प्रधान का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व और नैतिक आचरण का प्रेरक उदाहरण भी है।
मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास आगे भी देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने में योगदान करते रहेंगे।

