जिला अस्पताल कवर्धा में तीन जटिल स्त्री रोगों के सफल ऑपरेशन

गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं का सफल उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बचाई जान
कवर्धा, 27 जून। जिला अस्पताल कवर्धा में गंभीर एनीमिया और जटिल स्त्री रोगों से पीड़ित तीन महिलाओं का सफल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने उन्हें नई जिंदगी दी। तीनों मरीज लंबे समय से अत्यधिक मासिक धर्म के कारण गंभीर रक्ताल्पता से जूझ रही थीं। ऑपरेशन से पहले उनकी स्थिति को देखते हुए रक्त चढ़ाया गया, जिसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफल शल्यक्रिया की।
पहले मामले में 45 वर्षीय महिला पिछले छह माह से अत्यधिक मासिक धर्म के कारण गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी। भर्ती के बाद उन्हें तीन यूनिट रक्त चढ़ाया गया। जांच में एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया की पुष्टि होने पर डॉ. निहारिका सिंह ने सफल ऑपरेशन किया।
दूसरे मामले में 50 वर्षीय महिला लंबे समय से अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी। उन्हें भी तीन यूनिट रक्त चढ़ाया गया। जांच के दौरान गर्भाशय में लगभग 20 सेंटीमीटर आकार और 1.2 किलोग्राम वजन की विशाल रसौली पाई गई, जिसे डॉ. मंजूषा यादव ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर निकाला।
तीसरे मामले में 50 वर्षीय महिला पिछले एक वर्ष से अत्यधिक मासिक धर्म, पेट में बढ़ती गांठ और गंभीर एनीमिया से परेशान थी। आवश्यक रक्त चढ़ाने के बाद जांच में लियोमायोमा और एडेनोमायोसिस की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉ. निहारिका सिंह ने सफलतापूर्वक हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन) किया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार तीनों मरीजों की स्थिति अब स्थिर और संतोषजनक है। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखकर आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। इन ऑपरेशनों में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. मुकेश वालेचा तथा ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समय पर जांच जरूरी
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महिलाओं से अपील की है कि यदि मासिक धर्म सामान्य से अधिक हो, लंबे समय तक रक्तस्राव बना रहे, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, हीमोग्लोबिन की कमी या पेट में गांठ जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने पर एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया, गर्भाशय की रसौली (लियोमायोमा) और एडेनोमायोसिस जैसी बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में उपचार संभव है, जिससे गंभीर एनीमिया और अन्य जटिलताओं से बचा जा सकता है।

