सेवा सेतु बना ग्रामीणों का भरोसेमंद डिजिटल सहाराएक ही दिन में मिला स्थानीय निवास प्रमाण-पत्र, वंदना हेमला ने कहा— अब सरकारी सेवाएं गांव के नजदीक और आसान

रायपुर, 26 जून। बीजापुर जिला प्रशासन की डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु’ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। सेवा सेतु केंद्रों के जरिए अब नागरिकों को विभिन्न शासकीय प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक सेवाएं सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे लोगों का समय और धन दोनों बच रहे हैं।
इसी पहल का लाभ विकासखंड भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत तड़केल निवासी वंदना हेमला को मिला। उन्होंने नेलेसनार स्थित सेवा सेतु केंद्र में स्थानीय निवास प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर स्थानीय निवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।
सेवा सेतु केंद्र के प्रबंधक मुकेश कुमार बघेल ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी रही, जिससे वंदना हेमला को किसी भी शासकीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
वंदना हेमला ने बताया कि पहले किसी भी प्रमाण-पत्र के लिए कई बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करना आसान रहा और एक ही दिन में प्रमाण-पत्र मिलने से उनके आवश्यक कार्य समय पर पूरे हो गए।
उन्होंने कहा कि अब सरकारी सेवाएं गांव के नजदीक उपलब्ध होने लगी हैं, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति मिली है।
जिला प्रशासन के अनुसार सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से स्थानीय निवास, जाति, आय, जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण-पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
वंदना हेमला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन बीजापुर तथा सेवा सेतु केंद्र के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई हैं।


