बिजली दरों पर कांग्रेस का प्रदर्शन राजनीतिक नौटंकी: भाजपा

भूपेश सरकार के 5 साल में बिजली बिल हाफ का नारा देकर जनता को ठगने वाली कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही हैं- ठोकने
‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना और बीपीएल श्रेणी के लिए मुफ्त/रियायती बिजली का लाभ पहले की तरह जारी, किसानों पर भी नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त बोझ’
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने बिजली दरों को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि बिजली बिल हाफ के नाम पर बढ़ा बिजली बिल वसूलने वाले आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं और जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रहे है। श्री ठोकने ने कहा कि स्वतंत्र नियामक संस्था ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग’ द्वारा जारी नए टैरिफ संशोधन की हकीकत को छुपाकर कांग्रेस केवल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने आँकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आम जनता और गरीबों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नए टैरिफ संशोधन का प्रदेश के कुल 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 41 लाख उपभोक्ताओं पर केवल आंशिक प्रभाव ही पड़ेगा। इन उपभोक्ताओं पर विद्युत दर संशोधन का प्रभाव शून्य से 3.65 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा। श्री ठोकने ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि नए टैरिफ के बावजूद प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) पर इस वृद्धि का एक पैसे का भी भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि इसका पूरा वहन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। नए टैरिफ में औसत विद्युत आपूर्ति दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट स्वीकृत की गई है, जबकि इसके मुकाबले गरीब और मध्यमवर्गीय घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम स्लैब में मात्र 4.40 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति की जाएगी। घरेलू विद्युत दरों में भले ही 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट की नाममात्र वृद्धि दिख रही हो, लेकिन इसका असर उपभोक्ताओं पर पूर्ण रूप से नहीं पड़ेगा। ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना’ के अंतर्गत इसकी प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाएगी। प्रदेश के 14.5 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक शासन द्वारा निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही, 400 यूनिट तक खपत वाले 26.5 लाख उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत की भारी छूट निरंतर मिलती रहेगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस को बिजली के मुद्दे पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अपने पिछले 5 साल के शासनकाल में कांग्रेस ने ‘बिजली बिल हाफ’ का लोकलुभावन और झूठा नारा देकर छत्तीसगढ़ की जनता को सिर्फ ठगने काम किया था। कांग्रेस के कुशासन में बिना किसी योजना के बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि की गई थी, सुरक्षा निधि के नाम पर उपभोक्ताओं को लूटा गया वसूली की गई, बिजली काटी गई उपभोक्ताओं को परेशान किया गया और अघोषित बिजली कटौती से पूरे प्रदेश को अंधकार में धकेल दिया गया अन्नदाता किसानों तक को कटौती कर बिजली के लिए तरसने वाले कांग्रेस के लोग किस मुंह से आरोप लगा रहे हैं। उस समय न तो गरीबों की चिंता की गई और न ही मध्यम वर्ग को कोई राहत दी गई।



