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भारतीय किसान संघ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ का संयुक्त प्रदर्शन, खाद-बीज संकट पर जताई चिंता

कबीरधाम सहित पूरे छत्तीसगढ़ में किसानों ने सौंपा ज्ञापन

कवर्धा – भारतीय किसान संघ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ के संयुक्त आह्वान पर आज पूरे छत्तीसगढ़ सहित कबीरधाम जिले के सभी आठ तहसीलों में किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपा गया।

इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ के जिला अध्यक्ष सोनी वर्मा ने कहा कि देश में उत्पन्न संकट को किसान संघ ने गंभीरता से समझ लिया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसान देश के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है, क्योंकि अन्नदाता होने के नाते पूरे समाज के पेट भरने की जिम्मेदारी किसानों पर है।

उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। यदि समय पर खाद की व्यवस्था नहीं होती है तो इसका सीधा प्रभाव फसल उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे किसानों की आजीविका भी प्रभावित होगी।

किसान संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद की कालाबाजारी लगातार जारी है, जिसे रोकने में सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है, ऐसे समय में भी किसानों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, जबकि खाद की कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई जा रही, यह अत्यंत गंभीर विषय है।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों पर किसी भी प्रकार की आंच आती है तो किसान संघ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

किसानों की प्रमुख मांगें

किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं—

सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद की व्यवस्था की जाए तथा प्रति एकड़ एक बोरी डीएपी एवं दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराया जाए।

निजी खाद विक्रेताओं पर नियंत्रण रखते हुए किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराया जाए।

अधिक मूल्य पर खाद बिक्री करने वाले विक्रेताओं पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

एग्रीस्टेक में पंजीकृत सभी किसानों को समितियों से नगद खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

नैनो उर्वरकों की उपयोगिता की सही जानकारी दी जाए तथा वर्षा के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए इसके विकल्पों पर ध्यान दिया जाए।

किसानों को कृषि कार्य हेतु डीजल कंटेनर/जरीकेन में उपलब्ध कराया जाए।

समितियों में गुणवत्तापूर्ण बीजों का भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

हरी खाद हेतु ढेचा, सन एवं मूंग के बीज सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जाएं।

गन्ना उत्पादकों का बकाया भुगतान शीघ्र किया जाए।

धान एवं चना बीमा की राशि किसानों को तत्काल प्रदान की जाए।

समर्थन मूल्य पर चना बेचने वाले किसानों का भुगतान शीघ्र किया जाए।

इस अवसर पर दोनों किसान संगठनों के प्रांत एवं जिला कार्यकारिणी के साथ-साथ तहसील स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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