रैम्प योजना अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम का सफल समापन

विश्वराज ताम्रकार
खैरागढ़ :जिले में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा युवाओं और महिला उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रैम्प योजना अंतर्गत आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी – लीप बैच-5) का अंतिम दिवस ग्राम पंचायत विचारपुर, ठेलकाडीह में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय एवं राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहलों के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूह के सदस्यों, स्टार्टअप संचालकों तथा नए व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक प्रतिभागियों को उद्यम स्थापना, प्रबंधन और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता की मूलभूत अवधारणाएं, उद्यमियों के प्रकार, स्थानीय संसाधनों के आधार पर व्यवसायिक अवसरों की पहचान तथा छत्तीसगढ़ में उपलब्ध प्रमुख क्षेत्रों—जैसे कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, लघु वनोपज, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, धातु निर्माण एवं सेवा क्षेत्र—में संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत जिलेवार व्यावसायिक अवसरों की पहचान पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए गए तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सामूहिक चर्चा के माध्यम से उद्योग रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया और प्रतिभागियों से फीडबैक भी प्राप्त किया गया।
इस प्रशिक्षण में जिलेभर से 30 प्रतिभागियों—नवोदित उद्यमियों, स्व-सहायता समूह के सदस्यों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों—ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी, प्रेरणादायक एवं मार्गदर्शक बताया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारुल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक तुषार साहू एवं प्रमेश विजयवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


