अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेषसमाजसेवा की मिसाल बनीं उषा साहू, बुजुर्गों के लिए ‘वरिष्ठजन सेवा सदन’ का कर रहीं संचालन

महासमुंद। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए समाजसेविका उषा साहू बुजुर्गों के लिए सहारा बनकर सामने आई हैं। उनके द्वारा स्थापित संस्था माता कौशल्या वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से पिछले एक वर्ष से “वरिष्ठजन सेवा सदन” का संचालन किया जा रहा है, जहाँ बेसहारा और जरूरतमंद बुजुर्गों को भोजन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सेवा और संवेदनशीलता का अनूठा प्रयास
समाजसेविका उषा साहू की वर्षों से यह इच्छा थी कि समाज के उन बुजुर्गों के लिए कुछ किया जाए, जो किसी कारणवश अकेले और असहाय जीवन जीने को मजबूर हैं। इसी सोच को साकार करने के लिए उन्होंने संस्था का पंजीयन कराया और “वरिष्ठजन सेवा सदन” की शुरुआत की। इस सेवा सदन में बुजुर्गों की देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन, सुरक्षित आवास और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनका जीवन सम्मानजनक और सुरक्षित बन सके।
समाज के सहयोग से चल रहा सेवा कार्य
संस्था के संचालन में समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग मिल रहा है। इसमें समाजसेवी, उद्योगपति, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हैं। सभी के सामूहिक प्रयास से बुजुर्गों को बेहतर देखभाल, पोषण आहार और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला दिवस पर प्रेरणादायी उदाहरण
महिला दिवस के अवसर पर उषा साहू का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहा है। उनकी पहल यह संदेश देती है कि यदि निःस्वार्थ सेवा का संकल्प और समाज का सहयोग मिल जाए तो जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। बेसहारा बुजुर्गों को सम्मान और सहारा देने का यह कार्य न केवल समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।


