पंडरिया : राज्यपाल ने किया पुस्तक का विमोचन, संस्कृति मंत्री ने किया सम्मानित
पंडरिया : राज्यपाल ने किया पुस्तक का विमोचन, संस्कृति मंत्री ने किया सम्मानित

टीकम निर्मलकर AP न्यूज़ पण्डरिया- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक अभियान “एक पेड़ मां के नाम” से प्रेरित होकर शिक्षा साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में 19 जनवरी 2026 को पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम में किया गया। इस अवसर पर साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ मां के नाम” का विमोचन राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में अपने करकमलों से किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। समारोह का शुभारंभ मां शारदे, भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर शिवकुमार बंजारे, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान, विकासखंड पंडरिया, जिला कबीरधाम को उनकी साहित्यिक साधना के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, शाल, श्रीफल एवं उनकी पुस्तक गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कृति “एक पेड़ मां के नाम” भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में राजेश अग्रवाल (मंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन, छत्तीसगढ़ शासन), चंदूलाल साहू (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन), रोहित साहू (विधायक, राजिम), डॉ. विनय कुमार पाठक (कुलपति, धावे विद्यापीठ, गोपालगंज, बिहार), तथा सागर कुमार शर्मा (संयोजक, शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा विभा अवस्थी, वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर, महेश यादव (अध्यक्ष, नगर पालिका राजिम) सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी, जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह, सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी, डीएसपी, प्राचार्य, शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। शिक्षा साहित्य परिषद के सदस्य शिवकुमार बंजारे ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम साझा काव्य संग्रह के लिए के लिए देश के विभिन्न राज्यों से लगभग साढ़े 650 कविताएँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से श्रेष्ठ चयनित 31 रचनाकारों को शाल, श्रीफल, मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं ₹1100 की नगद राशि एवं प्रदान कर सम्मानित किया गया।सम्मानित होने वाले रचनाकार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उड़ीसा, तमिलनाडु एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से थे। साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ माँ के नाम” में प्रतियोगिता से चयनित श्रेष्ठ 151 कविताओं का संकलन किया गया है।
कार्यक्रम का समापन साहित्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।



