नियमितीकरण और एचआर पॉलिसी की मांग पर तकनीकी सहायकों का 3 दिवसीय आंदोलन शुरू

18 साल से लंबित मांगों पर कर्मचारी संघ सख्त, 15 अक्टूबर तक निर्णय नहीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
कबीरधाम। VB-G RAM G योजना के तकनीकी सहायक कर्मचारियों ने नियमितीकरण, एचआर पॉलिसी लागू करने और पदनाम बदलकर कनिष्ठ अभियंता करने की मांग को लेकर 13 से 15 अक्टूबर तक तीन दिवसीय सांकेतिक आंदोलन शुरू किया है। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
छत्तीसगढ़ VB-G RAM G तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ की जिला इकाई कबीरधाम के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से सौजन्य भेंट कर वर्षों से लंबित मांगों से अवगत कराया। संघ के अनुसार, कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से नियमितीकरण, मानव संसाधन (एचआर) पॉलिसी और पदनाम परिवर्तन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इन पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
प्रदेश में करीब 1250 कर्मचारी प्रभावित
संघ का कहना है कि प्रदेश में करीब 1250 तकनीकी सहायक ग्रामीण विकास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिम्मेदारियां बढ़ने और लगातार काम करने के बावजूद कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्पष्ट सेवा नियमों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आश्वासन को निर्णय में बदलने की मांग
कर्मचारी संघ ने कहा कि सरकार की ओर से 15 दिन में सकारात्मक पहल के आश्वासन के बाद भी कर्मचारी ठोस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कर्मचारियों ने मनरेगा में 18 वर्षों तक सेवाएं दी हैं और अब VB-G RAM G योजना के तहत वर्ष 2047 तक ग्रामीण विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में नियमितीकरण, एचआर पॉलिसी और पदनाम परिवर्तन की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
संघ ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की अहम भूमिका है। इसलिए उनके भविष्य, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा को भी सुनिश्चित करना जरूरी है। कर्मचारी संघ ने उम्मीद जताई कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेंगे।
संघ ने दोहराया कि कर्मचारियों की मांग किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि सम्मानजनक सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और न्यायपूर्ण कार्य वातावरण की है। 15 अक्टूबर तक मांगों पर निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी दी गई है।

