छत्तीसगढ़ में बाढ़ से निपटने की तैयारी: 18 को टेबल टॉप, 20 अगस्त को मॉक एक्सरसाइज
NDMA ने सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण; स्वास्थ्य, PWD, जल संसाधन से लेकर रेलवे-एयरपोर्ट तक की भूमिका तय
रायपुर | 7 अगस्त 2026
मानसून के दौरान प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में बाढ़ आपदा प्रबंधन और पूर्व तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें सभी जिलों के आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारियों को बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों की प्रक्रिया समझाई गई।
18 अगस्त को टेबल टॉप, 20 को होगी मॉक एक्सरसाइज
बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज होगी। इसके बाद 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इन अभ्यासों के जरिए आपदा की स्थिति में विभागों के बीच समन्वय, निर्णय लेने की प्रक्रिया और राहत-बचाव व्यवस्था की तैयारियों को परखा जाएगा।
अधिकारियों को हर प्रक्रिया समझने के निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान अपनाई जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू करने के लिए इस तरह के अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण हैं।
स्वास्थ्य से रेलवे-एयरपोर्ट तक की भूमिका तय
कॉन्फ्रेंस में बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन विभाग की भूमिका और आपसी समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं SDRF के महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय), रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, NDRF कमांडेंट, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक सहित विज्ञान केंद्र, दूरसंचार और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
बाढ़ आने से पहले तैयारी पर जोर
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, संसाधनों की उपलब्धता, राहत-बचाव दलों की तैनाती और विभागों के बीच सूचना के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से तैयारियों की कमियों को चिन्हित कर उन्हें समय रहते दूर करने पर भी जोर दिया गया।



