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संचालनालय के आदेश के विपरीत कृषि उप संचालक ने की उपकरण खरीदी : विनोद चंद्राकर


AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार

संचालनालय के आदेश के विपरीत कृषि उप संचालक ने की उपकरण खरीदी : विनोद चंद्राकर

  • किसान उपकरण लेने नहीं ले रहे रूची, बनाया जा रहा दबाव
  • आदेश के विपरीत 450 बैटरी कम हैण्ड ऑपरेटेड स्पेयर की खरीदी
  • उप संचालक ने उपकरण खरीदी में किया करोड़ों का भ्रष्टाचार
    महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन की परिकल्पना कैसे संभव होगा जब शासन के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ जिला स्तर के बड़े अधिकारी ही भ्रष्टाचार को अंजाम देने में लग जाए। छत्तीसगढ़ राज्य किसानी पर आश्रित राज्य है, यहां के 70 प्रतिशत आबादी गाँवों में निवास करती है। जिसमें अधिकतर कोई लघु तो कोई सीमांत किसान हैं। ऐसे में ये किसान पहले से संसाधनों की कमी, गरीबी, कर्ज आदि से जूझ रहे होते हैं, उन्हें जिला स्तर के बड़े अधिकारियों द्वारा दबाव पूर्वक अनावश्यक उपकरणों की खरीदी के लिए बाध्य करना अव्यवहारिक है। अधिकारी इस कदर भ्रष्टाचार में डूब चुके हैं, उन्हें शासन का भी भय नहीं। इससे यही परिलक्षित हो रहा है कि प्रशासनिक लचरता के चलते अधिकारी सारे नियम कानून को ताक में रख मनमानी पर उतारु हो गए हैं।
    श्री चंद्राकर ने कहा कि कृषि विभाग के काले कारनामे परत- दर- परत खुलने लगी है। उप संचालक कृषि जिला महासमुन्द द्वारा “जैविक खेती योजना” अंतर्गत ग्रामों में संचालनालय के दिशा-निर्देशों की अवहेलना कर करोड़ों की आर्थिक अनियमितता की गई है। उक्त अनियमितता की जाँच के लिए पूर्व संसदीय सचिव ने 7 अपैल 2025 को पुन: फिर एक बार प्रमुख सचिव छग शासन एवं कृिष उत्पादन आयुक्त को पत्र प्रेषित कर भ्रष्टाचारी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। श्री चंद्राकर ने कहा है कि लंबे समय से पदस्थ उप संचालक कृषि के आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत लगातार कृषकों द्वारा की जा रही है। वर्तमान में बागबाहरा विखं अंतर्गत अनेक ग्रामों में जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने की योजना संचालित की जा रही है। संचालनालय के आदेश क्रमांक / जै.खे.मि. / 05/ यो.दि.नि./ 2022-23/374 रायपुर, दिनांक 09/12/2022 के अनुसार सरल क्रमांक 04 पर उल्लेखित वस्तुएं जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रदाय किया जाना स्पष्ट रूप से उल्लेख है। उक्त आदेश में बैटरी कम हैण्ड ऑपरेटेड स्पेयर दिया जाना कहीं भी उल्लेखित नहीं है। इसके बावजूद उप संचालक कृषि जिला महासमुंद द्वारा बैटरी कम हैण्ड ऑपरेटेड स्पेयर अपने चहेते व्यापारियों से नियम विरूद्ध खरीदी की गई। तथा क्रय किए स्पेशयर को मैदानी अमलों पर दबाव बनाकर किसानों को वितरण हेतु मजबूर किया जा रहा है।
    श्री चंद्राकर ने कहा कि उप संचालक कृषि, महासमुन्द द्वारा जैविक खेती योजनांतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र महासमंुद से स्पष्ट अनुशंसा नहीं ली गई है। भ्रामक जानकारी देकर दिशा-निर्देशों को उल्लेखित न कर अनुशंसा प्राप्त की गई है, जो उचित एवं मान्य नहीं है। जैविक खेती में संलग्न कृषकों के मांग अनुरूप सामग्री की आपूर्ति ना कर केवल एक ही वस्तु बैटरी कम हैण्ड ऑपरेटेड स्पेयर खरीदी में ही संपूर्ण आबंटन को खर्च किया गया है। जो संचालनालय के आदेश के सरल क्रमांक 04 का खुला उल्लंघन है। साथ ही साथ दिशा-निर्देश के अनुरूप प्रावधानित 20 प्रतिशत शिथिलता का पालन न करते हुये मनमाने तरीके से चहेते व्यापारियों से वस्तु क्रय कर तत्काल भुगतान किया गया है। परिणाम स्वरूप किसानों को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पाया।
  • कृषक लेने से कर रहे परहेज
    श्री चंद्राकर ने बताया कि उपरोक्त अधिकारी द्वारा जैविक खेती हेतु प्राप्त संचालनालयीन आदेश का खुला उल्लंघन करते हुये 450 नग बैटरी कम हैण्ड ऑपरेटेड स्पेयर जो प्रावधानित न होने के बाद भी क्रय कर कार्यालय में भण्डारण किया गया। जिसमें अभी तक केवल 120 नग का ही वितरण किया गया है। जिसे कृषक लेने से परहेज कर रहे हैं। अधिकारी द्वारा संचालनालय एवं छग शासन के आदेशों एवं दिशा-निर्देशों की अवहेलना कर चहेते व्यापारियों को लाभ पहुँचाकर स्वयं अवैध रूप से लाभ अर्जित कर शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक क्षति पहुँचायी गई है। जो जांच कराये जाने से स्पष्ट हो जायेगा। अत: श्री चंद्राकर ने जाँच कर कठोर कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित किया है।

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