छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान विकास महासंघ की प्रांतीय बैठक 17 फरवरी 2024 को वृंदावन हॉल रायपुर में आयोजित हुई


छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान विकास महासंघ की प्रांतीय बैठक 17 फरवरी 2024 को वृंदावन हॉल रायपुर में आयोजित हुई

छत्तीसगढ़ के 20 जिलों के प्रतिनिधियो ने भाग लिया । प्रतिनिधियों ने अपने विचारों में कहा एम.एस.पी. को कानूनी अधिकार मिलन चाहिए , ताकि किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य मिल सके ,अन्नदाताओं को उनके श्रम का मूल्य अधिकार के रूप में प्राप्त हो और भारत का सर्वोच्च नारा जय जवान जय किसान सार्थक हो सके तथा जीवंत रहे
महासभा की बैठक में एक विचार जोरों पर आया कि देश मे न्यूनतम , अधिकतम मूल्य निर्धारण अधिनियम बनना आवश्यक है। जिससे वस्तु की लागत और विक्रय मूल्य के बीच एक निश्चित अनुपात हो दो रुपये की लागत से बनी वस्तु का विक्रय मूल्य 100 – 150 प्रतिशत से अधिक न हो । आज तो दो रुपये की लागत से बनी वस्तुएं 20 रुपए की मिलती है। जिससे लागत और विक्रय का मूल्य का अनुपात 1000 प्रतिशत तक हो जाता है ।
कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाये। बैठक में रायपुर , बिलासपुर, कोरिया, रायगढ़,जशपुर,सरगुजा,सरायपाली,राजनांदगांव,खैरागढ़,कोरबा, मनेन्द्रगढ़,भरतपुर,कांकेर,गरियाबंद,कवर्धा , महासमुंद,कोंडागांव,कटघोरा जिलों के प्रतिनिधियो ने भाग लिया तथा अपने-अपने विचार व्यक्त किये।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान महासंघ की बैठक प्रत्येक जिले में किसानों की समस्याओ का निराकरण हेतु पहल की जाये।