गन्ने का रेट शक्कर कारखाने से ज्यादा गुड़ फैक्ट्री में,चुनाव के चलते तय नहीं हुई दरें

गन्ने का रेट शक्कर कारखाने से ज्यादा गुड़ फैक्ट्री में,चुनाव के चलते तय नहीं हुई दरें

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में 2 नवंबर से गन्ना पेराई सत्र प्रारंभ हो चुका है। वहीं किसानों से गन्ने की खरीदी भी चल रही है। बीते वर्ष 282.12 रुपए तो इस बार 291.97 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के गन्ना प्रभारी केके यादव ने बताया कि रविवार तक यहां पर 1230 किसानों से 11 हजार मीट्रिक टन गन्नों की खरीदी की जा चुकी है। वहीं कारखाने में इस बार 4.50 लाख मीट्रिक टन गन्ना खरीदी का लक्ष्य है, जबकि बीते सीजन में 3.46 लाख मीट्रिक टन गन्ना खरीदा गया था। कारखाना में गन्ना की आवक लगातार जारी है। चूंकि अभी शुरुआती दौर है तो कम किसान ही पहुंच रहे हैं बावजूद कारखाना परिसर में ट्रैक्टरों की कतार लग चुकी है। जैसे ही गन्नों की कटाई तेजी पकड़ेगी, गन्ने की आवक भी कारखाना में बढ़ेगी। इस साल दोनों शक्कर कारखाना में 7 लाख मीट्रिक टन गन्ना खरीदा जाएगा, जबकि गुड़ फैक्ट्री में 12 से 15 लाख मीट्रिक टन। क्योंकि गन्ने का उत्पादन अधिक है जबकि कारखाना क्षमता कम और शेयर भी सीमित है।
355 रुपए में खरीदी होगी की नहीं..
सहकारी शक्कर कारखाना में 291.97 रुपए प्रति क्विंटल दर से गन्ने की खरीदी की जा रही है जो गुड़ फैक्ट्री से कम दाम है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा बीते सीजन तक 355 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी किया गया था। समर्थन मूल्य के बाद के अतिरिक्त राशि 72.88 रुपए प्रति क्विंटल को राजीव गांधी न्याय योजना के तहत दिया गया। इस वर्ष भी उम्मीद है कि उसी दर पर किसानों को राशि मिलेगी।
तीन साल में 69 करोड़ रुपए रिकवरी राशि दी
बीते गन्ना पेराई सीजन भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में किसानों ने 282.12 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 3 लाख 46 हजार 822 मीट्रिक टन गन्ना बिक्री किए थे। कारखाना की ओर से 3 लाख 85 हजार 528 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया। औसत रिकवरी 12.31 प्रतिशत रहा। गन्ना के समर्थन मूल्य पर किसानों को मिल 97.85 करोड़ रुपए भुगतान किया गया। वहीं रिकवरी राशि 27.72 करोड़ रुपए भुगतान किया गया था। वहीं तीन वर्ष में रिकवरी राशि 69 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान किया गया।
अभी अधिक तो बाद कम दर हो जाएगी
दूसरी ओर गुड़ फैक्ट्री भी प्रारंभ हो चुके हैं। शुरुआती दौर में कई गुड़ फैक्ट्री संचालक 290 तो कहीं 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ने की खरीदी कर रहे हैं। यह एक तरह से किसानों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं जैसे ही किसानों की भीड़ गुड़ फैक्ट्री की ओर बढ़ेगी गन्ने की कीमत 250 रुपए प्रति क्विंटल से भी कम हो जाएगी। वहीं जमकर कांटामारी भी होती है
दर निर्धारित नहीं…
किसानों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत है कि गुड़ फैक्ट्री में उचित दाम पर खरीदी नहीं होती, क्योंकि दर निर्धारित नहीं है। किसानों की संख्या के हिसाब वहां पर दर तय होते रहता है। आज 300 रुपए है तो कल 250 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जाएगी। कई बार तो दाम इससे भी कम कर दिए जाते हैं। चूंकि किसान गन्ने को लेकर फैक्ट्री पहुंच जाते हैं जो बेचना ही पड़ता है अन्यथा सूख गया तो उसकी कीमत और भी कम हो जाती है।