साल्हेवारा : सट्टा ने फिर ली एक युवक की जान सुसाइड नोट छोड़कर दी अपनी जान।

Ap न्यूज़ प्रतिनिधि छमित कुमार जंघेल की रिपोर्ट:-
साल्हेवारा : सट्टा ने फिर ली एक युवक की जान सुसाइड नोट छोड़कर दी अपनी जान।
छुईखदान साल्हेवारा : वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा लम्बे समय से चल रहे सट्टा ने फिर आज एक युवक की जान ले ली अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवम शांतिप्रिय क्षेत्र के रूप में जाने जानी वाले वनांचल को कुछ लोगो ने अपने निजी स्वार्थ के लिए अपराध का गढ़ बना लिया है सट्टा के कारण आए दिन यहां घटना होते रहती है ।लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन केवल दर्शक के भाती देखता रहता है ,सट्टा इस क्षेत्र के लिए अभिशाप बन चुका है, कई बार साल्हेवारा छेत्र के युवा शिकायत करने के बाद भी आज तक इन लोगो पर कोई ठोस कार्यवाही नही हुई है।

दिनाक 18/09/21को सरोज कुमार निषाद पिता विष्णु निषाद ग्राम भाजीडोगरी जो साल्हेवारा से 2किलो मीटर की दूरी में है ,सरोज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया
सुबह सुबह ये बात गांव में आग की तरह फ़ैल गई ,जब गांव में पता चला गांव में सनाटा सा छा गया हर कोई अपने आसू चाह कर भी रोक नहीं पा रहे थे , इसका प्रमुख कारण सरोज दिल का बहुत अच्छा लड़का था गांववालो से ज्ञात हुआ की गांव में किसी को कभी भी कोई मुसीबत होती तो सबसे पहले सरोज मदत के लिए पहुच जाता था और उसकी हर संभव सहायता करता था।उसके परिजन मुख्य रूप से उसके पिताजी की रोने की चीख पूरे गांव में गूंज रही थी सरोज अपने मां पापा का लाडला था।
पिछले कुछ दिनों से लगी थी सट्टा की लथ : उनके मित्रो और ग्रामीणों से ज्ञात हुआ की हाल में ही सरोज ने साल्हेवारा में छोटा सा कपड़ा का दुकान डाला था ठेला में उसके कुछ दिनों के बाद से ना जाने सालहेवारा में चल रहे खुलेआम सट्टा का लथ लग गया और वो प्रतिदिन खेलेंने लगा उसका लालच बढ़ता गया ,उसके मित्र टेकचचंद बताते है की , उसने 20000हजार का ओपन खेला था और 180, 0000फसा था लेकिन खाईवाल ने उसे65000हजार ही दिया सरोज कर्ज से दब गया था प्रतिदिन सट्टा खेलने से, शायद इस कारण अपनी जान दे दिया गांव वालो से ऐसी जानकारी दी।
सुसाइड नोट छोड़कर दी अपनी जान : जब पुलिस को घटना की सूचना मिली पुलिस मौके पर पहुंचकर मृतक को फांसी के फंदे से उतारा और उसके जेब से एक कीपैड मोबाइल ,410 रुपए और सुसाइड नोट बरामद किया पुलिस ने सुसाइड नोट को फिलहाल सार्वजनिक नही किया है जांच का विषय है करके , परिजनों और गांववालों के आग्रह करने पर मौके पर ही परिजनों को पढ़कर सुनाया ,जिसमे स्पष्ट लिखा गया था सोनू खान और आसमीर खान का नाम पूर्व में भी सट्टा के खिलाप हुआ था।
शिकायत : जब नए टि.आई. कोमल राठौर जी जैसे ही पदभार ग्रहण किया उसके अगले दिन क्षेत्र की यूवाओ ने थाना प्रभारी को सट्टा के बारे में अवगत कराया और सट्टा के कारण अब तक जो घटना घटित हुई है उसके बारे सब बताया और लिखित शिकायत की और युवकों ने थाना प्रभारी पर विश्वास जताते हुए वापसी चले गए लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई ।
क्षेत्र के लोगो में आक्रोश: क्षेत्र के पत्रकार ,जनप्रतिंनिधि एकत्रित होकर दिनाक 19को थाना पहुंचकर थाना में हंगामा किया और बोले की अगर आप समय पर कार्यवाही कर लेते तो एक घर का चिराग आज बच जाता ,अगर सुसाइड नोट में जिनका नाम लिखा है उन पर कार्यवाही नही हुई तो आगे उग्र आंदोलन , चक्काजाम करना पड़ेगा और इसकी संपूर्ण ज़िम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी ये बात स्पष्ट रूप से कहके आए है,।




