नाबालिग की सूझबूझ व जिला प्रशासन की सक्रियता से रुका बाल विवाह

नाबालिग की सूझबूझ व जिला प्रशासन की सक्रियता से रुका बाल विवाह
कवर्धा, 24 मार्च 2021। कबीरधाम जिले के ग्राम सगौना में नाबालिग बालिका द्वारा स्वयं की विवाह घर वालो के द्वारा कराए जाने की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग को दी। सूचना पर त्वरीत जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस विभाग, ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष सदस्य सरपंच सचिव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानीन, कोटवार की टीम के साथ संयुक्त रूप से बालिका के घर जाकर बालिका की शैक्षणिक अंकसूची का परीक्षण किया। जिसके अनुसार बालिका की आयु 17 वर्ष 10 माह है, जो विवाह योग्य उम्र से कम है। टीम द्वारा बालिका के विवाह योग्य उम्र होने के पश्चात विवाह करने हेतु बालिका एवं उनके परिजनो को समझाइस दिया गया तथा तत्काल कार्यवाही करते हुए नाबालिक बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जिसें समिति द्वारा बालिका गृह भेजकर संरक्षण दिया गया है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी श्री राजेन्द्र गेंदले ने नाबालिक बालिका व उनके परिवार एवं स्थल पर उपस्थित लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी दिए। उन्होंने बताया कि 21 वर्ष कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित किया गया है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसमें सहायता करता है, को 2 वर्ष का कठोर कारावास अथवा जुर्माना हो 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। दोनो पक्षो को काफी समझाइस देने के बाद नाबालिक बालिका व परिवार जनो ने शादी रोकने सहमति दी जिस पर बाल विवाह रोकथाम दल ने विवाह स्थल पर पंचनामा एवं घोषणा पत्र तैयार कर बाल विवाह रूकवाया।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री रमेश कुमार शर्मा एवं अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण समिति के निर्देशानुसार जिले के सभी पंचायतों में बाल संरक्षण समिति गठित है। समिति में सरपंच, पंच, सचिव आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मितानिन शिक्षक एवं गांव के गणमान्य नागरिक शामिल है। जिन्हें बाल अधिकार संरक्षण विषय पर प्रशिक्षित किया गया है। महिला एवं बाल विकास की टीम द्वारा जिले के सभी स्कूल, कॉलेज एवं गांव-गांव में जाकर बाल अधिकार संरक्षण, किशोर न्याय (बालकों के देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम) 2015, एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, विशेष किशोर पुलिस इकाई, लैगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दत्तक ग्रहण, सखी वन स्टॉप सेन्टर, महिला हेल्प लाईन नम्बर 181, चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 एवं बच्चों के अधिकार एवं संरक्षण से जूड़े विभिन्न मुद्दे, अधिनियमों-नियमों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किये है, लोगों में जागरूकता आने से बाल विवाह पर पूर्णतः रोक लगाया गया है। बाल विवाह रोकथाम के दौरान दल मे श्री राजेन्द्र गेंदले, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना पण्डरिया, श्री सत्यनारायण राठौर जिला बाल संरक्षण अधिकारी, श्री रामकिशन मरकाम उपनिरीक्षक पुलिस विभाग, श्रीमती अनिता बंजारा, पर्यवेक्षक, श्री सुरेश साहू, सामाजिक कार्यकर्ता जिला बाल संरक्षण इकाई, श्री डोमन बंजारे, प्रधान आरक्षक, श्री रामकुमार श्याम आरक्षक पुलिस विभाग, कमलेश कश्यप, श्रीमती बुधवरिया मरावी, आंगनबाडी कार्यकर्ता, कु. पुउईया, मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत सरपंच एवं अध्यक्ष बाल संरक्षण समिति श्रीमती दुकाला बाई उपसरपंच ग्राम के पंच ग्राम पंचायत बाल संरक्षण समिति के सभी सदस्य एवं अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।