लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प, आपातकाल को बताया भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय


कवर्धा। भारतीय जनता पार्टी जिला कबीरधाम द्वारा आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को “आपातकाल : भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय” विषय पर जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसा बंदियों एवं उनके परिजनों का शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ मीसा बंदी हरीश लुनिया ने आपातकाल के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय नागरिक अधिकारों का हनन हुआ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार किया गया। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि इस दौर को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
संगोष्ठी के बाद भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने मौन रैली निकालकर आपातकाल का विरोध दर्ज कराया और लोकतंत्र, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुमार भट्ट एवं संतोष पटेल, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल सिंह ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता जसविंदर बग्गा, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष भुनेश्वर चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला महामंत्री नितेश अग्रवाल एवं मुकेश सिंह ठाकुर, मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रदीप केवर्थ, जिला टोली सदस्य महेंद्र घृतलहरे एवं राजू श्रीवास्तव ,जिला मीडिया प्रभारी मोहन कश्यप सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



