RAIPUR BREAKING: रिटायर्ड अधिकारी से 63 लाख की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले 3 आरोपी झारखंड से गिरफ़्तार


रायपुर,12 अगस्त 2021। राजधानी रायपुर के रिटायर्ड विद्युत मंडल के अधिकारी से 63 लाख से अधिक रुपयों की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले 3 शातिर आरोपियो को पुलिस ने झारखंड से गिरफ़्तार किया है।
आपको बता दे कि तीनो अंर्तराज्यीय ठगों को पुलिस गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लेकर पहुँची है। तीनो ही आरोपी झारखंड के जामताड़ा जिले के निवासी है जो साइबर ठगों का गढ़ माना जाता है।इस वारदात को अंजाम देने में शामिल आरोपी फूलचंद दास एवं दुलाल दास रिश्ते में सगे भाई है एवं आरोपी अशोक दास एवं
सौरभ दास भी रिश्ते में सगे भाई है। फिलहाल चारो में से एक आरोपी सौरभ दस अभी फरार है जिसकी पतासाजी कर पुलिस गिरफ्तारी करने का हर संभव प्रयास कर रही है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 30,000/- रूपये नगदी सहित 5 मोबाईल फोन जप्त किया गया।
पुलिस ने जामताड़ा पर प्राथमिकता से किया फोकस और धर लिए आरोपी
रायपुर पुलिस द्वारा पूर्व में भी इसी प्रकार वारदात कर ठगी करने वाले आरोपियो को झारखण्ड के जामताड़ा गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा तरीका वारदात के आधार पर यह सुनिश्चित कर लिया गया कि ठगी की घटना को जामताडा गिरोह के सदस्यों द्वारा ही अंजाम दिया गया है। जिस पर अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी टीम द्वारा झारखण्ड के जामताड़ा ठग गिरोह को फोकस करते हुये कार्य प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा जिन मोबाईल नंबरों से प्रार्थी के मोबाईल फोन पर फॉल आया था,
उन मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही जिन बैंक खातों में रकम स्थानांतरित किये गये थे. उन बैंक खातों के संबंध में भी संबंधित बैंकों से दस्तावेज व जानकारी प्राप्त की जाकर अज्ञात आरोपियों को चिन्हांकित करने के प्रयास करते हुये ठगी हेतु आये मोबाईल नंबरों के साथ साथ उनसे संबंधित अन्य कई मोबाईल नंबरों का लगातार विश्लेषण करते हुये अंततः आरोपियों को चिन्हांकित करने में सफलता मिली तथा आरोपियों को झारखण्ड के जामताड़ा में लोकेट किया गया। जिस पर प्रभारी सायबर सेल वीरेन्द्र चन्दा के नेतृत्व में सायबर सेल एवं थाना अभनपुर की 9 सदस्यीय टीम को झारखण्ड के जामताड़ा रवाना किया गया। टीम द्वारा झारखण्ड जामताड़ा में पड़ताल प्रारंभ करने पर यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपियों द्वारा बहुत ही सर्तकता से अपनी स्वयं की पहचान छिपाते हुये इस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
आरोपियों द्वारा उपयोग किये गये मोबाईल नंबर बैंक खातों के नाम व पते दूसरों के थे तथा उन मोबाईल नंबरों एवं बैंक खातों का उपयोग सिर्फ और सिर्फ ठगी की वारदात को कारित करने के लिए किया गया था। जामताड़ा में कैम्प कर रही टीम को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना में संलिप्त आरोपी फूलचंद दास के संबंध में अहम सुराग प्राप्त हुआ। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी फूलचंद दास की पतासाजी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी फूलचंद दास से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने भाई दुलाल दास साथी अशोक दास एवं सौरभ दास के साथ मिलकर लाखों रूपये की ठगी की उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त दुलाल दास एवं अशोक दास को भी गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में आरोपी सौरभ दास फरार है जिसकी पतासाजी की रहीं है।