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ChhattisgarhRajnandgaon

शहीद पूर्णानंद साहू को मरणोपरांत अदम्य साहस एवं वीरता के लिए राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से किया सम्मानित

ग्राम जंगलपुर में शहीद पूर्णानंद साहू को जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

शौर्य चक्र लेकर गांव जंगलपुर वापस आने पर शहीद के पिता लक्ष्मण साहू एवं माता उर्मिला बाई साहू का जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने किया अभिनंदन

भारत माता के जयकारे से गूंज उठा जंगलपुर

आखिरी सांस तक नक्सलियों से लड़े पूर्णानंद साहू

राजनांदगांव। जिले के ग्राम जंगलपुर निवासी सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के आरक्षक शहीद पूर्णानंद साहू को मरणोपरांत उनके अदम्य साहस एवं वीरता के लिए राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया। शहीद पूर्णानंद साहू को शौर्य चक्र सम्मान प्राप्त होने पर आज उनके गांव जंगलपुर में गौरव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांव के ग्रामीणजन पहुंचे थे। इस मौके पर शहीद पूर्णानंद साहू के प्रतिमा पर जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

शहीद पूर्णानंद साहू के पिता लक्ष्मण साहू एवं माता उर्मिला बाई साहू के जंगलपुर वापस आने पर इस गौरवमय क्षण में जिला प्रशासन एवं ग्रामवासियों द्वारा उनका फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया। अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय एवं एसडीएम हितेश पिस्दा ने शहीद पूर्णानंद साहू की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस क्षण जंगलपुर गांव भारत माता के जयकारे से गूंज उठा। शहीद पूर्णानंद साहू के चाचा प्रकाश साहू, बहन ओनिषा साहू, डुमेश्वरी साहू, भाई निलेश साहू एवं एसडीओपी अजीत ओगरे, लालबाग थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2020 को बीजापुर के पामेड़ थाना के ग्राम ईरापल्ली में क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान हेतु सीआरपीएफ के 204 कोबरा बटालियन के जवान निकले थे। पार्टी सर्चिंग करते आगे बढ़ रही थी कि हथियारबंद नक्सलियों द्वारा आटोमेटिक हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। सीआरपीएफ के 204 कोबरा बटालियन के आरक्षक पूर्णानंद साहू ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नक्सलियों की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया।

गंभीर रूप से जख्मी हो जाने के बाद भी पूर्णानंद साहू ने अंतिम सांस तक बड़ी जाबांजी से नक्सलियों के फायरिंग का जवाब देते रहे। नक्सली अपने आपको कमजोर पड़ता देख कर भाग खड़े हुये। मुठभेड़ घटना में सीआरपीएफ कोबरा बटालियन 204 के आरक्षक पूर्णानंद साहू सहित 2 जवान शहीद हो गये एवं 4 अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गये। शहीद पूर्णानंद साहू अदम्य साहस एवं वीरता के लिए मराणोपरांत राष्ट्रपति द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

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