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विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं का मत्स्य पालन प्रशिक्षण का शुभारंभ

तरेगांव जंगल के वनधन विकास केंद्र में शुरू हुआ मछली पालन प्रशिक्षण

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं का मत्स्य पालन प्रशिक्षण का शुभारंभ

नाबार्ड के द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए आयोजित हो रहा मछली पालन प्रशिक्षण

तरेगांव जंगल /-
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिए मछली पालन विषय पर 11 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। 27 फरवरी से 8 मार्च 2024 तक विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम तरेगांव जंगल के वनधन विकास केंद्र में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सहयोग से गांधी ग्राम विकास समिति कबीरधाम के द्वारा मछली पालन प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है । प्रशिक्षण में पहुंचे सभी अतिथियों का विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के विशेष पारम्परिक दुर्लभ बीरन माला से स्वागत किया गया। प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे मनोज कुमार नायक डीडीएम राजनांदगांव – कबीरधाम ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के आजीविका संवर्धन एवं विकास को आगे बढ़ाने के लिए नाबार्ड के द्वारा मछली पालन प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में नियमित 11दिवस बैगा महिलाओं को मछली पालन के तकनीक एवं उससे आय अर्जित करने के लिए विशेष रूप से व्यवसायिक मछली पालन हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए बैगा महिलाओं को उत्साहित एवं प्रेरित किया। शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर जे एस चौहान एसडीओ वन विभाग, ए आर नायडू रेंजर, पुष्पेंद्र तिवारी शाखा प्रबंधक ग्रामीण बैंक, कुलदीप पटेल वन विभाग, काशीराम वर्मा प्रशिक्षक संस्थापक ग्रामोदय केंद्र एवं चंद्रकांत यादव अध्यक्ष गाँधी ग्राम विकास समिति की उपस्थिति रही । प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिला समूह के सदस्य ग्राम इन्द्रीपानी, लालमाटी, घटमुढ़ा, पिपरहा, जूनपानी, भरतपुर, छूही, छिंदपुर एवं तरेगांव जंगल सहित 30 बैगा महिलाएं उपस्थित रही। पुष्पेंद्र तिवारी शाखा प्रबंधक छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक बैजलपुर ने कहा कि बैगा महिलाएं बैंक से लेनदेन करने में किसी भी तरह का संकोच न करें। अपने निर्धारित एवं नियमित बचत समय पर करें और बैंक की समस्त योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने बीमा योजना एवं ऋण सहायता योजना के संबंध में बैगा महिलाओं को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान किया। जेएस चौहान एसडीओ वन विभाग के द्वारा वनधन विकास केंद्र के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह हेतु संचालित योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान किया गया। उन्होंने वनोपज संकलन एवं मिलेट्स कोदो, कुटकी एवं रागी की खरीदी और बिक्री के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान किया। उन्होंने उपस्थित बैगा महिलाओं को वनोपज एवं मिलेट्स की बिक्री वनधन विकास केंद्र में करने एवं अधिक लाभ अर्जन हेतु प्रेरित, उत्साहित किया। पहली बार विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन हेतु मछली पालन प्रशिक्षण का आयोजन वनांचल क्षेत्र में किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के बैगा महिलाओं में अत्यधिक उत्साह, रुचि देखने को मिला। सभी बैगा महिलाओं के द्वारा उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भागीदारी किया जा रहा है। प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए संस्था के पदाधिकारी, सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं जिसमें चंद्रकांत यादव, चित्रारेखा राडेकर, मोहन सिंह कोकोड़े, कोमल सिंह धारवैया, गणेश धुर्वे, पार्वती अर्मो एवं मानस पटेल का सराहनीय योगदान रहा।

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